बीते दिनों नेशनल ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने मुख्यधारा के टीवी मीडिया और इसके डिजिटल मंचों को नये आईटी नियमों से बाहर रखने की मांग की थी जिसके तहत सरकार ने मुख्यधारा यानी मेनस्ट्रीम मीडिया को नई आईटी नियमों में कोई छूट प्रदान नहीं करने का फैसला किया है।
इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि नियमों से कुछ को छूट देना उन डिजिटल समाचार प्रकाशकों के साथ भेदभाव होगा, जिनके पास पहले से टीवी या प्रिंट मंच नहीं है।
सरकार का स्पष्टीकरण उस समय सामने आया है, जब नेशनल ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पारंपरिक टेलीविजन समाचार मीडिया और डिजिटल समाचार प्लेटफार्मों पर उसके विस्तारित नियमों से छूट प्रदान करने का अनुरोध किया गया था।
मंत्रालय ने डिजिटल समाचार प्रकाशकों, ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट के प्रकाशकों या ओटीटी प्लेटफार्मों और संघों को लेकर अपने स्पष्टीकरण में कहा, प्रस्तावित प्रकृति का कोई अपवाद बनाना उन डिजिटल समाचार प्रकाशकों के साथ भेदभावपूर्ण होगा, जिनके पास पारंपरिक टीवी/प्रिंट प्लेटफॉर्म नहीं हैं।
आपको बता दें कि नए आईटी नियमों के अनुसार आपत्तिजनक सामग्री के अंतर्गत चिन्हित होने वाले कंटेंट को 24 घंटे में हटाना होगा। इसके आलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म को एक नोडल अधिकारी और रेसिडेंट ग्रीवांस अधिकारी को नियुक्त करना होगा, जिन्हें 15 दिनों के अंदर ही इन शिकायतों का निपटारा करना होगा।






