कोल्हापुर: ब्रह्मणवादियों ने पूरे देश में व्यक्तिवादी सिस्टम को डेवलप किया है। इसलिए उनके लोग जहां पर भी है वहां पर व्यक्तिगत स्तर पर बड़ी संख्या में लूट मचा रहे हैं। इसलिए जिसको जहां लूटने का मौका मिल रहा है वह बिना डर के बस लुटा जा रहा है। ऐसा वक्तव्य डा. के. एस. चौहान ने कोल्हापुर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा। पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक द्वारा आयोजित छत्रपति शाहू महाराज जयंती के समारोपिय कार्यक्रम अवसर पर वे बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि राजर्शी छत्रपति शाहू महाराज जी का योगदान सामाजिक आंदोलन में बहुत बड़ा है। इतने बड़े महान क्रांति कारक, सामाजिक न्याय के पुरोधा जिस शहर से आते हैं वहां पर यातायात की बड़ी गंभीर सुविधा देखने को मिल रही है। सामाजिक न्याय के कार्य में उनका का क्रांतिकारी योगदान जिससे हमारे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है वह हमारे दिशा दर्शक है इसलिए हम लोगों ने राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम यहां रखा।

प्रतिनिधित्व के मूलभूत अधिकारों को समझाते हुए उन्होंने कहा कि भारत का संविधान कहता है कि सभी समुदायों को जनसंख्या के अनुपात में हिस्सा मिलना चाहिए। लेकिन पिछड़ी जातियों की जनसंख्या 52% होने के बावजूद उन्हें 27% हिस्सेदारी मिल रही है। यह एक अंतर्द्वंद है।
वायर नामक संस्था का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि IAS की सेवा में sc,st,OBC तीनों का मिला कर सिर्फ 8% रिप्रेजेंटेशन है। IPS सेवा में cs,st,OBC का 10% रिप्रेजेंटेशन है। तथा IFS में sc,st,OBC का 18% रिप्रेजेंटेशन है। 90% जनसंख्या होने के बावजूद हमें हमारा हिस्सा नहीं मिल रहा। बहुजन समाज पार्टी का ब्रह्माणीकरण होने के कारण उसने रिजर्वेशन इन प्रमोशन का देश भर में बहुत बड़ा नुकसान किया है। कांशीराम ने अपनी पार्टी में कोई भी प्रिंसिपल नहीं बनाने से उनकी पार्टी ने समाज का बहुत बड़ा नुकसान किया। सुप्रीम कोर्ट भी इसमें बहुत बड़ा अहम रोल निभा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में 80% रिजर्वेशन इन प्रमोशन की केसेस पड़ी हुई है। उनके जजमेंट जल्दी ना आने की वजह से भी रिजर्वेशन इन प्रमोशन का लाभ बहुजन समाज को नहीं मिल रहा है।
नीट के पेपर लिक मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा पेपर लिक कांड या सरकार में बैठे हुए लोगों ने ही किया है। यह कोई बाहर से नहीं हुआ है। सरकार ही इसमें सामिल है।
हमें प्रिंसिपल को डेवलप करके ही आगे बढ़ना होगा। बिना प्रिंसिपल हम आगे नहीं बढ़ सकते और ना ही लोकतंत्र को बनाए रख सकते हैं।
जातिगत राजनीति पर हमला करते हुए उन्होंने कहा की राजनीतिक दल जातिगत राजनीति को बहुत हवा देते हैं। हमारे समाज के लोग भी जाति को ग्रेट बताते हैं। जाति को ऊंचा उठने से हमें कोई फायदा नहीं होने वाला है। हमें मूल निवासी पहचान समाज में स्थापित करनी होगी। इसी से हमारा कल्याण होगा।
मजदूरों की बिगड़ती हालत को देखते हुए हमारी पार्टी 20 सितंबर को रामलीला मैदान में मजदूरों के लिए एक बड़ी जनसभा आयोजित कर रही है। इससे हम देश भर के मजदूरों को लोकतांत्रिक राजनीति के लिए लामबंद करना चाहते हैं।
इस राष्ट्रीय सभा में पार्टी के महासचिव हेमराज सिंह पटेल उपस्थित थे। अपनी बात को रखते हुए उन्होने कहा कि बाबासाहेब ने फुले शाहू कबीर के विचारों को संविधान में लाया। भारत के संविधान के तर्ज पर रविदास जी ने बेगमपुरा की बात कही है। ज्योतिबा फुले ने आइडिया ऑफ रिजर्वेशन दिया, शाहू महाराज ने प्रैक्टिस में लाया और बाबा साहेब ने अवसर मिलने पर रिजर्वेशन को भारत के संविधान में पॉलिसी में कन्वर्ट किया। इस आरक्षण को लेने के लिए 6000 जातियों को तीन वर्गों में ला कर संगठित किया। लेकिन हमें इन तीन वर्गों को मूलनिवासी पहचान के तहत संगठित करना है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनिता कुमार ने कहा कि कोल्हापुर एक पवित्र भूमि है। मुख पुत्रों के द्वारा हमारे अधिकारों को लेकर आरक्षण भिख बताकर हमें हमेशा परेशान किया जाता है। लेकिन शाहु महाराज ने बहुत पहले ही इसका जवाब उन्हें दिया है।
कॉक्रोच आंदोलन पर बात रखते हुए उन्होंने कहा कि वह आंदोलन दुश्मनों का एजेंडा है। हमारा एजेंडा हम तय करेंगे दुश्मन नहीं। हमें हमारी राह स्वयं तय करनी होगी।
हमारे दुश्मनों ने इतिहास में हमारी शिक्षा तथा संपत्ति का अधिकार छीना और आज भी वे यही कर रहे हैं। बाबा साहब ने उन्हें मानसिक रूप से बिमारी लोग बताया है। भारत में गैरबराबरी है। इसलिए बाबासाहेब ने असमानता को ध्यान में रखकर ही अधिकार दिए है।
आगे अपनी बात रखते हुए सुनिता कुमार ने कहा कि हम अपनी लड़ाई के लिए मानव संसाधन और आर्थिक संसाधन उधर पर नहीं ले सकते। हमें ही हमारे सैनिक और हमारे नेता बने होंगे। हमारी लड़ाई हमें अपने तरीके से लड़नी होगी।
मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता बी डी बोरकर ने मंच से अपनी बात रखते हुए कहा कि बाबा साहब अंबेडकर भारत के संविधान के माध्यम से जो जो करना चाहते थे, वही कार्य राजर्शी छत्रपति शाहू महाराज ने अपने संस्थान में पहले ही कर लिया था। इसलिए राजर्षी शाहू महाराज बाबा साहब के आदर्श थे। शाहू महाराज चाहते थे कि मूलनिवासी बहुजन समाज के लोग राजनीति की बागडोर अपने हाथ में ले ले और यह अंग्रेज जब तक भारत में है तब ही हो सकता है। शाहू महाराज द्वारा रैमसे मैकडॉनल्ड को किए गए पत्राचार से यह पता चलता है कि शाहू महाराज अछूतों को गवर्निंग पोजीशन में लाना चाहते थे।
उन्होंने आगे कहा कि शाहू महाराज ने हमारे समाज के दुश्मनों को पहचाना और उनके खिलाफ जीवन भर संघर्ष किया। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने जो सोशल वेलफेयर की बात भारत के संविधान में कही है वह काम तो राजर्शी छत्रपति शाहू महाराज ने अपने स्टेट में जमीन पर उतारा। जो काम शाहू महाराज ने किया वह बाबा साहब नहीं कर पाए इसका कारण यह था कि बाबा साहब के पास राजनीतिक सत्ता नहीं थी। बाबा साहब और शाहू महाराज मूल निवासियों के हाथ में देश की सत्ता देना चाहते थे। इसी लक्ष को हासिल करने के लिए पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक का निर्माण किया गया है। आज हमारा भविष्य खतरे में है अपने अस्तित्व को बचाने के लिए हमें राजनीतिक सत्ता हाथ में लेनी होगी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि लोकतंत्र की पावर से ही हम सब बदलाव कर सकते हैं एक बार हमने यह कोशिश की थी कुछ हद तक हमें इस उसमें सफलता भी मिली लेकिन वह राजनीतिक पार्टी सफल हुई इसलिए हमने पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक का निर्माण किया है यह पार्टी हमने बहुत सोच समझ कर बनाई है।
अपने उद्बोधन में उन्होंने आगे कहा कि ब्राह्मणवादी पार्टियों में जो विभिन्न मोर्चे है उन में हमारे लोग अपनी जिंदगी गवा देते हैं। पर समाज में कुछ बदलाव नहीं आता। ना ही वे बड़े लीडर बन पाते हैं। इस पार्टी में नेतृत्व करने का अवसर है। यह लोकतांत्रिक राजनीति के लिए बनाई गई है यहां दोस्त और दुश्मन की पहचान पर अच्छा काम हो रहा है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बी मगरे ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उस समय एक तरफ ब्रिटिश सरकार थी तो दूसरी ओर ब्राह्मणवादी ताकतें विरोध में थी। ऐसी स्थिति एक राजा होकर और विदेशी सरकार के रहते और घोर ब्राह्मणी विरोध के चलते शाहू महाराज ने कल्याणकारी राज्य को धरातल पर लाया। छत्रपति शाहू महाराज ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को मानगाव सभा में मूल निवासी बहुजन समाज के एक नेता के रुप में स्थापित करने का काम किया। जो कार्य छत्रपति राजर्षी शाहू महाराज ने किया है, वह कार्य किसी ने भी नहीं किया। उसी कार्य को आगे बढ़ाने के लिए पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक का निर्माण हुआ है।

इस को शुरू होने से पहले शाहू महाराज की जन्मस्थली से लेकर सभास्थल तक संविधान सम्मान रैली का निकाली गई। जिसमें देश भर से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने सहभाग लिया।जनसभा शुरू होने से पहले मंच पर राहुल मडामे रचित तथा गायक संदीप चव्हाण द्वारा स्वर बद्ध ‘पढ लोगे जब संविधान भैय्या..’ इस गीत संविधान गीत का पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.के.एस. चौहान तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता बी.डी.बोरकर के करकमलों द्वारा किया गया।
इस जनसभा में सभ्यता संघ के कार्यकर्ताओं ने गीत संगीत की प्रस्तुति दी। इस जनसभा की प्रस्तावना केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य वाय.बी.तायडे ने की, संचालन अजय जीनवाल ने की तथा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अशोक जाधव ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।







