आज किसान आंदोलन का 23 वां दिन है। दिल्ली में ठण्ड 4 डिग्री के नीचे जा रही है। सरकार अब भी कानून रद्द नहीं करने पर अड़ी है। लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़िग हैं। ठण्ड, भूकंप जैसी कोई भी बात उन्हें डगमगा नहीं रही है।
इसी बिच सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर कोर्ट ने अपना निर्णय दिया। उसपर मीडिया में अलग अलग बातें प्रचारित हुयी। कोर्ट के इस निर्णय में क्या है? सरकार का क्या जवाब है? आगे किसानों रणनीति क्या होगी? इस प्रकार के कई सवाल खड़े हुए।
सुनवाई में सीजे एसए बोबडे ने अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल से पूछा है कि “क्या संघ कह सकता है कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कानून के तहत कोई कार्यपालिका कार्रवाई नहीं की जाएगी।” एजी के के वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि वह केंद्र सरकार से निर्देश लेने के बाद वापस आएंगे।
कल रात 17 दिसम्बर को एक वीडियो जारी करते हुए किसान नेता योगेंद्र यादव ने कोर्ट में दायर उस याचिका और कोर्ट के फैसले पर अपना स्पष्टीकरण दिया।
आइये जानते हैं उन्होंने क्या कहा।







