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बीते सत्रह सितंबर, दो हजार तेईस दिन रविवार को बीएस फोर के तहत रोहतक क्लस्टर अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। जिसमे फुले – आंबेडकरी विचारधारा के कई संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों मूलनिवासियों ने हिस्सा लिया।
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बीएस फोर यानी भारतीय संविधान सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन राष्ट्रव्यापी महा जनजागरण अभियान के तहत बीते सत्रह सितंबर, दो हजार तेईस दिन रविवार को रोहतक क्लस्टर अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
यह क्लस्टर अधिवेशन डॉक्टर बी ० आर० अंबेडकर हॉस्टल ककरोई रोड, सोनीपत में आयोजन की गई। जिसमे मूलनिवासी बहुजन समाज के कई संगठनों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में मूलनिवासियों के सबसे बड़े राष्ट्रस्तरीय संगठन बामसेफ और इसके ऑफ शूट विंग्स के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहें।
कार्यक्रम में बामसेफ, मूलनिवासी संघ, मूलनिवासी विद्यार्थी संघ, मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ आदि संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहें।
कार्यक्रम में मूलनिवासी बहुजन समाज के कई साथी उपस्थित रहे, जिसमे महिलाएं, पुरुष और युवा भरी संख्या में उपस्थित हुए ।
इस क्लस्टर अधिवेशन को दो सत्रों में बाटा गया। कार्यक्रम का पहला सत्र उद्घाटन सत्र रहा। जिसका विषय था, “लोकतांत्रिक व्यवस्था में ब्राह्मणवादी तानाशाही के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी जनांदोलन – समय की मांग।”
जबकि दूसरा सत्र प्रतिनिधियों का खुला सत्र सह समापन सत्र रहा। जिसका विषय “भारत का संविधान और लोकतंत्र के लाभार्थियों का कर्तव्य उदघोष” रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्तागणों ने दोनो विषयों पर अपने अपने विचार रखे और उपस्थित लोगो को संबोधित किया।
वक्ताओं ने बीएस फोर यानी भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन राष्ट्रव्यापी महा जनजागरण अभियान के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने बताया की कैसे आज के समय में इस देश को बीएस फोर अभियान की सबसे अधिक जरूरत हैं और सभी मूलनिवासी संगठनों को इस अभियान से जुड़कर संविधान के प्रति अपने कर्तव्य को निभाना चाहिए।
वक्ताओं ने बताया की कैसे आज डेढ़ सौ से अधिक जिलों में क्लस्टर अधिवेशनों का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका हैं।
आज हजारों की संख्या में संविधान प्रबोधक गांव गांव जाकर संविधान को आसान और सरल भाषा में बता रहे हैं।






