फिर गिरा देश का जीडीपी

मौजूदा वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी में 7.5 फ़ीसदी गिरावट दर्ज हुई है और तकनीकी रूप से यह मंदी की पुष्टि करता है।

कोरोना और लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल हो गया है। पिछली तिमाही में जीडीपी में लगभग 24 फ़ीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

मौजूदा तिमाही में उद्योग क्षेत्र में 2.1, खनन क्षेत्र में 9.1 और विनिर्माण के क्षेत्र में 8.6 फ़ीसद की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि कृषि क्षेत्र और मैन्युफ़ैक्चरिंग के क्षेत्र में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि क्षेत्र में जहाँ 3.4 फ़ीसद की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है तो वहीं मैन्युफ़ैक्चरिंग क्षेत्र में 0.6 फ़ीसद का इज़ाफ़ा हुआ है।

भारतीय रेजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उम्मीद से बेहतर तरीक़े से वापस पटरी पर आ रही है। लेकिन यह देखे जाने की ज़रूरत है कि यह रिकवरी टिकी रहे।

बता दें कि कई रेटिंग एजेंसियों ने दूसरी तिमाही में जीडीपी में 10 से 11 फीसदी तक की गिरावट का अनुमान जताया था। आरबीआई ने वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी में 8.6 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया था। वहीं, मूडीज ने जीडीपी में 10.6 फीसदी, केयर रेटिंग ने 9.9 फीसदी, क्रिसिल ने 12 फीसदी, इक्रा ने 9.5 फीसदी और एसबीआई रिसर्च ने 10.7 फीसदी गिरावट का अनुमान जताया था। अक्टूबर में आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 2.5 प्रतिशत गिरा।

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