हरियाणा समेत कई राज्यों में जोरों शोरों से चलाया जा रहा है बीएस-फॉर कार्यक्रम ।

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बीएस-फॉर यानी भारतीय संविधान सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन महा जन जागरण अभियान के तहत आज पूरे देश भर में संविधान के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही हैं। लेकिन आखिर इस बीएस-फॉर अभियान की जरूरत क्यों पड़ी ? और यह अभियान आज कितना सफल हुआ ?

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इस देश में आज भी ब्राह्मणवादी मानसिकता के ऐसे लोग हैं जो मनुस्मृति के विधान को ही मानता हैं और उस भारतीय संविधान को बदलने की बात करता जो देश के सभी नागरिकों को मौलिक अधिकारों के साथ एक सम्मान जनक जीवन देने की गारंटी देता हैं।

आपको याद होगा साल दो हजार अठारह का वह अगस्त महीना, जब दिल्ली के संसद भवन के सामने मनुवादी मानसिकता से जकड़े संविधान विरोधियों ने संविधान की प्रतियों को फाड़कर उसमे आग लगाई थी। ये कृत्य देशद्रोह की श्रेणी में आता है, लेकिन इस घटना पर न तो सरकार ने उचित प्रतिक्रिया दिया और न ही उन नागरिकों ने जिसे यह संविधान एक गौरवमय जीवन जीने के लिए मौलिक अधिकारों को परिभाषित किया हैं।

इस घटना के बाद देश के मूलनिवासी बहुजनों के सबसे बड़े सामाजिक संगठन बामसेफ ने काफी गहन चिंतन कर यह निष्कर्ष निकाला की इस देश के लोगो को कल्याणकारी संविधान के बारे में ज्ञान नहीं होने के कारण उन्होंने इस घटना पर कोई प्रतिक्रियां नही दिया।

अगर देश के पचासी फीसदी मूलनिवासी बहुजन समाज को संविधान, संविधान के प्रावधानों और उसमे दिए उनके अधिकारों के बारे में पता होता तो इस संविधान विरोधी घटना के बाद देश में बड़ा आंदोलन खड़ा होता जो दो अप्रैल, दो हजार अठारह के आंदोलन से गई गुना बड़ा होता।

इस घटना के बाद बामसेफ ने संविधान के प्रति लोगो में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बीएस फोर यानी भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन कार्यक्रम चलाया जो आज पूरे देश में जोरों से चल रहा हैं।

आज इस अभियान से देश भर से सैकड़ों संविधान प्रबोधक निकले है जो गांव गांव जाकर बिलकुल ही सरल तरीके से संविधान का पाठ लोगो को पढ़ा रहे हैं। इस अभियान में बामसेफ के ऑफ शूट विंग्स जैसे मूलनिवासी संघ, मूलनिवासी विद्यार्थी संघ, मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ जैसे संगठनों के अलावा अन्य फुले – आंबेडकरी विचारधारा के संगठनों का भी सहयोग मिला हैं।

आज यह अभियान विभिन्न राज्यों में जोरों शोरों से चलाया जा रहा हैं। हरियाणा में भी इस अभियान को पूरा सहयोग मिल रहा हैं। हरियाणा के लोग बीएस फोर अभियान के प्रति विशेष रुचि दिखा रहे हैं । हरियाणा के लगभग सभी जिलों में इस अभियान के तहत लगातार मीटिंग और सभाएं आयोजित की जा रही हैं।

बीते दिनों ग्यारह से चौदह अप्रैल, दो हजार तेईस को राष्ट्रपिता ज्योतिबा फूले और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के संयुक्त जयंती के अवसर पर देश भर में इस अभियान के तहत संविधान चेतना एवं क्रियान्वयन रैली का आयोजन किया गया था।

इस बीच हरियाणा के लगभग पंद्रह से सौलह जिलों में संविधान चेतना एवं क्रियान्वयन रैली निकाली गई थी। वर्तमान में भी इस अभियान के तहत हरियाणा के लगभग हर जिले में कार्यक्रम हो रहे हैं। लेकिन इस अभियान का सबसे अधिक प्रभाव रेवाड़ी, कैथल, सोनीपत, पानीपत, झज्जर, रोहतक, हिसार और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों में हैं।

खबर के मुताबिक रेवाड़ी जिले में अभी तक सौ से अधिक गांवों में इस अभियान के तहत कार्यक्रम हो चुके हैं , जबकि सितंबर, दो हजार तेईस के अंत तक इस जिले के सभी गांवों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया हैं।

हरियाणा के अलावा यह बीएस फोर अभियान उत्तर प्रदेश , दिल्ली , उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, झारखंड , बिहार समेत कई राज्यों में जोर शोरों से चलाया जा रहा हैं। जहा संविधान प्रबोधक मूलनिवासियों को संविधान के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

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