नीट परीक्षा : केंद्र ने राज्यों के अपने कोटे में इस वर्ष भी नहीं दिया ओबीसी को हिस्सा

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क्या एक्शन लेंगे ओबीसी छात्र और अभिभावक?

चिकत्सा-स्नातक पाठ्यक्रमों अर्थात एमबीबीएस , बीडीएस आदि में प्रवेश पाने के लिए भारत में हर साल नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट परीक्षा होती है। 12 सितम्बर को देशभर में मेडिकल में प्रवेश लेने हेतु यह परीक्षा होनी है। लेकिन इस परीक्षा में ओबीसी का कोटा नहीं दिया गया है अर्थात ओबीसी को आरक्षण नहीं दिया गया है। जिसको लेकर देशभर में ओबीसी में गुस्सा निर्माण हुआ है। दिल्ली में कुछ ओबीसी संगठन इसको लेकर 19 जुलाई 2021 को प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।

आपको बता दें कि देश के सभी राज्यों के मेडिकल इंस्टीट्यूट में वर्ष 1984 से एक ऑल इंडिया कोटा लागू किया गया था। जिसके चलते राज्यों के मेडिकल कॉलेज में केंद्र सरकार का कोटा भी निश्चित किया गया था। लेकिन इसमें 2007 तक कोई आरक्षण का प्रावधान लागू नहीं किया गया था।

वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में केंद्र सरकार के ऑल इंडिया कोटा में आरक्षण लागू किया। इसमें राज्य सरकार की तरह ही केंद्र सरकार के हिस्से की सीटों पर भी आरक्षण लागू करने के निर्देश दिए गए। लेकिन इसमें ओबीसी के आरक्षण का जिक्र नहीं किया गया था।

आपको यह भी बता दें कि वर्ष 2010 में नीट यह परीक्षा मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया लेकर आयी जिसे 2017 में देश भर में पूरी तरह से लागू किया गया। तब से जिस किसी छात्र को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए यह नीट परीक्षा देनी होती है। इसके कटऑफ मार्क्स के आधार पर ही किसी छात्र को केंद्र सरकार के ऑल इंडिया कोटा के तहत प्रवेश मिलता है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार के अधीन केंद्रीय मेडिकल कॉलेज में एससी, एसटी, ओबीसी को आरक्षण लागू है लेकिन केंद्र का जो राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में जो कोटा है उसमें केंद्र ओबीसी को हिस्सा नहीं दे रहा है। राज्य सरकारें अपने मेडिकल कॉलेज की अंडर ग्रैजुएट की 15 प्रतिशत सीटें और 50 प्रतिशत पोस्ट ग्रेजुएट की सीटें केंद्र को देता है। इन सीटों पर ओबीसी के छात्रों को आरक्षण नहीं मिल रहा है।

ऑल इंडिया ओबीसी फेडरेशन ने आंकड़े देकर यह बात कही है कि ओबीसी को इसमें आरक्षण नहीं देने के कारण वर्ष 2017 से साल 2020 के दरमियान 11 हज़ार से ज़्यादा ओबीसी छात्रों का नुकसान हुआ है। भारत भर से अनेक ओबीसी संगठन केंद्र सरकार के पास इसको लेकर मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई गंभीर नहीं दिखाई देता। नतीजन इस वर्ष भी नीट की हो रही परीक्षा में ओबीसी को आरक्षण मिला नहीं है। खबर है कि नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज ने केंद्र सरकार को ओबीसी के आरक्षण को लेकर पत्र लिखा है। लेकिन ओबीसी की तरफ से दबाव नहीं बन पाने के कारण ओबीसी आज भी अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित हैं।

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