हिंदी क्षेत्र में प्रकाशित होने वाले दैनिक भास्कर के विभिन्न कार्यालयों पर पर गुरुवार को आयकर विभाग ने छापे मारे। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी कथित कर चोरी के आरोप में हुयी है।
आपको बता दें कि करीब 12 राज्यों में यह अखबार लाखों की संख्या में पढ़ा जाता है। आयकर विभाग ने दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान स्थित दफ्तरों में छापेमारी की।
“गंगा में लाशों से लेकर कोरोना से मौतों के सही आंकड़े देश के सामने रखने वाले भास्कर ग्रुप पर इनकम टैक्स का छापा” इस टाइटल के साथ दैनिक भास्कर ने अपने वेबसाइट पर छापा है कि “आईटी टीम ने भास्कर में काम करने वाले कई लोगों के घरों पर भी रेड की है। दफ्तरों में मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल जब्त कर लिए गए हैं और उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। नाइट शिफ्ट के लोगों को भी दफ्तर से बाहर जाने से रोक दिया गया है। रेड में शामिल अधिकारियों का कहना है कि वो इनके प्रोसेस का हिस्सा है और पंचनामा होने के बाद इन्हें जाने दिया जा रहा है।”
दैनिक भास्कर पर हुए इन छापों को लेकर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की है। राज्यसभा में भी हंगामा हुआ।
इसके साथ ही एक खबर यह आयी है कि एक टीवी न्यूज चैनल भारत समाचार के उत्तर प्रदेश स्थित दफ़्तर, उसके संपादक ब्रजेश मिश्रा और स्टेट हेड वीरेंद्र सिंह के घरों पर भी आयकर विभाग ने छापा मारा गया है।
आपको बता दें कि दैनिक भास्कर के हिंदी के साथ गुजराती और मराठी में भी लाखों पाठक है। यह समूह मीडिया वेबसाइट के साथ साथ रेडिओ चैनल भी चलाता है। भास्कर समूह का सैंकड़ो करोड़ रुपयों का टर्नओवर है।





