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बीते छब्बीस फरवरी, दो हजार चौबीस को पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मूलनिवासी हेमराज सिंह पटेल जी की अध्यक्षता में पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न की गईं। जिसमे विभिन्न राज्यों जैसे झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए चौवालिस (44) प्रत्याशियों की सूची जारी की गई।
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पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बीते छब्बीस फरवरी, दो हजार चौबीस को सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
यह बैठक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मूलनिवासी हेमराज सिंह पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमे पार्टी के कई पदाधिकारी सामिल रहें। जिसमें पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के राष्ट्रीय महासचिव मूलनिवासी हरीश सहारे एवम् पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति के सद्स्य उपस्थित रहें।
केंद्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न राज्यों में होने वाले आगामी लोकसभा चुनाव दो हजार चौबीस के लिए उम्मीदवारों की सूची में अपनी स्वीकृति प्रदान की।
बीते चार मार्च, दो हजार चौबीस को प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मूलनिवासी हरीश सहारे ने लोकसभा दो हजार चौबीस के लिए पार्टी द्वारा चौवालीस प्रत्याशियों की सुची केन्द्रीय चुनाव समिती के मान्यता प्राप्त से जाहीर की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मूलनिवासी दयाराम जी भी उपस्थित रहें।
मूलनिवासी हरीश सहारे ने कहा कि, पहली सूची में सात राज्यों के चौवालिस (44) प्रत्यासी भिन्न-भिन्न लोकसभा चुनाव क्षेत्र से लडने जा रहे है। जिनमे महिला, युवक, किसान और लेबर कैटेगरी से भी प्रत्याशियों के नाम जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि, पीपीआई (डी) की स्थापना सन दो हजार अठारह में हुई है, तब से चुनावी प्रक्रीया में हम सम्मिलीत हैं।
उन्होंने कहा कि, दो हजार उन्नीस का लोकसभा चुनाव, भिन्न-भिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव और जिला परिषद से लेकर ग्राम पंचायत के भी चुनावो में हमने प्रत्याशी उतारकर चुनावी आगाज किया हैं।
उन्होंने बताया कि, हम इस दो हजार चौबीस के चुनाव में अठारह राज्यों से लगभग दो सौ से अधिक प्रत्याशी मैदान में उतारकर मनुवादी सामन्ती ताकतों को परास्त करना चाहते है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने पार्टी के पंद्रह सूची एजेंडो पर बात करते हुए कहा कि, आजादी से अब तक सथहत्तर (77) वर्ष बितने के बाद भी हमारे मूलनिवासी बहुजनो की स्थिती में कोइ ऐसा बदलाव नही आया हैं।
उन्होंने कहा की, इस देश के मूलनिवासियों की स्थिती कांग्रेस और बीजेपी के पचहत्तर (75) वर्ष के शासन में दयनिय बना कर रख दी है।शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य जैसे संवैधानिक मूल्यो से वंचित रखा जा रहा है। किसान, मजदूर, महिला, छोटे बालक और बालिकाएं रोजमर्रा की जिन्दगी जिने के लिए भी तरस रहे है।
उन्होंने कहा कि, जल-जमीन-हवा से भी हम लोगो को रोका जा रहा है।संविधान से हम मूलनिवासी बहुजनो को जो अधिकार मिले है, वह भी खत्म करकर अभी की वर्तमान सरकार अपने मित्रों के हित के लिए हमारे हितों की रक्षा करने के बजाए हमे पांच किलो अनाज/राशन, जो हमारे किसानो को लुटकर गोदामो में भरा हुआ चावल-गेहू हैं, हमे देकर गुलाम बनाए रखा जा रहा है।
मूलनिवासी हरीश सहारे ने कहा कि, इक्यासी दशमलव पांच छह (81.56) करोड़ लोगो को गरीबी रेखा मे जोर जबरदस्ती धकेला जा रहा है। संवैधानिक लाभ देने के बजाए मानसिक गुलाम बनाकर वोट बटोरने का कार्यक्रम बनाया जा रहा हैं।
पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मूलनिवासी दयाराम जी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा की, अब हम मूलनिवासी बहुजन समाज के नब्बे फीसदी लोग कांग्रेस-बीजेपी के बहकावे में नही आने वाले है।
उन्होंने कहा, दस का शासन, नब्बे पर नही चलेगा। जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी के न्याय को दो हजार चौबीस में लागू करेंगे। मूलनिवासी पहचान और मताधिकार का अभियान संपूर्ण देशभर में लगाकर मूलनिवासी बहुजन, वंचित और अल्पसंख्यक वर्ग को जगाकर रहेंगे और हमारे संवैधानिक अधिकार को सुरक्षीत रखना ही हमारी प्राथमिकता होगी।
अंत में मूलनिवासी दयाराम जी ने सभी एन्कर, चैनल, पत्रकारों एवं दर्शको का आभार और धन्यवाद देकर भारी बहुमतो से हमारे प्रत्याशी को चुनकर लाने और संविधान बचाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा की, देश के मूलनिवासियों के हक अधिकार सुरक्षित रखने में हमारे ही प्रत्याशी को चुनकर लाए।








