बामसेफ के वरिष्ठ कार्यकर्ता और लंबे समय तक बामसेफ के सी ई सी मेंबर रह चुके माननीय. डी डी कल्याणी साहब इनका रविवार दिनांक २५ अप्रैल को दुःखद निधन हो गया ! माननीय डी डी कल्याणी जी पंजाब, के लुधियाना में रहते थे और वे कोविड -19 से झुंज रहे थे !
वे ७२ साल के आयु में भी झुजारु ज़मीनी कार्यकर्ता थे ! उन्हें किताबे लिखने में रूचि थी और आन्दोलन के लिए समर्पित काफी किताबे उन्होंने लिखी। उनकी आंदोलन की समझ बहुत ही पैनी थी। वे दृढ़ संकल्पी, साहसी और शालीन स्वभावी थे। उनका जाना बहुजन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. माननीय डी डी कल्याणी जी का जाना सम्पूर्ण बामसेफ और बहुजन परिवार के लिए बहुत ही पीड़ादायक बात है .
बामसेफ के पूर्व केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य मा. डी. डी. कल्याणी जी की सामाजिक कार्यों में ग़ज़ब की हिस्सेदारीथी. मूलनिवासी बहुजन समाज की समस्याओं की पहचान और उनके समाधान पर उनकी गहरी पकड़ थी. Special Economic Zone किस प्रकार मूलनिवासी बहुजन समाज के हितों के विरोधी होंगे इस पर एक बार लम्बी चर्चा हुयी और उनके तर्कों से सभी पूर्णत: सहमत थे। मूलनिवासी बहुजन आंदोलन के लिए मा. डी. डी. कल्याणी जी की कमी हमेशा खलेगी।
स्टेट सर्विसेज से रिटायर होने के बाद उनसे काफी आग्रह किया गया की वे फुल टाइम प्रचारक का भार संभाले मगर उनकी रुचि पंजाब में कैडर कैंप लेने में और लिखने में रही। जो की वे आखरी दम तक करते रहे. उन्हके इस असमाइक निधन से बहुजन समाज ने एक समर्पित योद्धा और मार्गदर्शक खोया है।
बामसेफ, मूलनिवासी संघ, एमएनटी न्यूज़ नेटवर्क और मूलनिवासी बहुजन परिवार उनके दुखद परिनिर्वाण पर सादर नमन और आदरांजलि अर्पित करते हैं।






