लोकराजा राजर्षि शाहू जी महाराज संक्षिप्त जीवनी

100 सेकंड स्तब्ध रहकर लोकराजा को विनम्र अभिवादन (छायाचित्र आयु. अजय झाकर्डे)

1874, 26 जून : जन्म, कागल, महाराष्ट्र
1894, 2 अप्रैल : राज्यारोहण।
1894 : बहुजन समाज के लोगों की तलाठी पद पर नियुक्तियां।
1895 : कोल्हापूर में “शाहूपूरी गुड” की बाजारपेठ की शुरुआत।
1896 : सभी जाति-जनजातियों के लिए “राजाराम छात्रावास” की स्थापना।
1897 : विक्टोरिया लेप्रसी अस्पताल की स्थापना।
1897/ 98 : अकाल व प्लेग में संस्थान के नागरिकों को बचाने के कारगर उपाय।
1899 : वेदोक्त प्रकरण का संघर्ष।
1901 : विक्टोरिया मराठा बोर्डिंग की स्थापना।
1902 : सप्तम एडवर्ड के राज्यारोहण के वक्त यूरोप दौरा।
1902 : सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्ग को 50 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय।
1907 : सहकार तत्व पर कपड़ा मिल की स्थापना।
1907 : अतिशूद्र छात्रों की शिक्षा हेतु “मिस क्लार्क छात्रावास” की स्थापना।
1909 : राधानगरी डैम का कार्य शुरू।
1912 : सहकार कानून बनाया।
1913 : कोल्हापूर संस्थान में गांवों में पाठशालाओं की शुरुवात।
1916 : डेक्कन रयत संस्था की स्थापना।
1917 : कोल्हापूर संस्थान में प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य (कंपलसरी) किया।
1917 : विधवा विवाह का कानून बनाया।
1918 : अछूतपन के आधार पर रैयावारी की प्रथा बंद, वेठबेगारी बंद।
1918 : अन्तर्जातीय विवाह का कानून।
1918 : कुलकर्णी वतन बंद व मासिक पगार पर तलाठी की नियुक्तियां।
1918 : गुनहगार माने जानेवाली जातियों की पुलिस ठाने में हाजिरी की प्रथा बंद की।
1919 : बलुतेदारी प्रथा को बंद की।
1919 : नारीविरोधी अत्याचार को रोकने हेतु कानून।
1919 : कानपुर में कुर्मी सभा में “राजर्षि” उपाधि से सम्मानित।
1919 : छुआछूत विरोधी कानून बनाया।
1920 : माणगांव में बहिष्कृत परिषद को संबोधित किया।
1920 : तलाक का कानून, व देवदासी प्रथा कानूनन समाप्त।
1920 : हुबली में ब्राह्मणेतर सामाजिक परिषद की अध्यक्षता।
1920 : पुरोहित के लिए शिक्षित व्यक्ति से ही की जाए यह आदेश निकला।
1920 : ब्राह्मणेतर पुरोहित के प्रशिक्षण का प्रारंभ व स्वतंत्र ‘क्षात्रजगद्‌गुरू’ पीठ निर्माण कर मराठा व्यक्ति की शंकराचार्य पद पर नियुक्ति।
1922, 6 मई : परिनिर्वाण।

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