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बीएस-फ़ॉर यानी भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा , संवर्धन अभियान के तहत रिंगनाबोडी, नागपुर में बीते 5 मार्च से 7 मार्च तक राष्ट्रीय स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जो सफलतापूर्वक संपन्न रहा । इस शिविर में देश के कोने-कोने से सैकड़ो मूलनिवासी बहजन समाज के बिद्धिजीवी उपस्थित हुए ।
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देश की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए अगर भारत के लोगो को सबसे ज्यादा किसी की जरूरत है तो वह है इस देश का संविधान। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के एक फीसदी घरो में भी संविधान आपको नहीं मिलेगा। कारण है संविधान के प्रति जागरूकता की घोर कमी। खास कर देश के 85 फीसदी मूलनिवासी बहुजन समाज के लोगो में।
भारत मे संविधान के प्रति सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन के लिए बीएस फ़ॉर अभियान पूरे भारत में चलाया जा रहा हैं। इसी संबंध में देश के सैकड़ो संविधान प्रबोधकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर बीते दिनों रिंगनाबोडी, नागपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुवा । जो बीते तीन मार्च से सात मार्च तक आयोजित किया गया था।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से सैकड़ो मूलनिवासी बुद्धिजीवी संविधान प्रबोधक के रूप में शामिल हुए। जिन्हें संविधान के विशेष जानकारों और फुले-अम्बेडकरी विचारधारा के प्रचारको ने प्रशिक्षित किया। जो आगामी समय मे पूरे देश मे संविधान के प्रति जागरूकता और फुले-अम्बेडकरी विचारधारा को फैलाने का काम करेंगे।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य क्लस्टर कमेटियों को तैयार करने के साथ-साथ पूरे देश में फुले-अम्बेडकरी विचारधारा का बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार करना हैं।
आज संविधान को लागू हुए सत्तर साल से अधिक हो चुका हैं। लेकिन आज भी लोग संविधान औऱ उसके प्रावधानों से अंजान हैं। यहाँ तक की आज भी अधिकांस मूलनिवासी बहुजन समाज के लोग संविधान में दिए अपने मौलिक अधिकारों से भी अंजान हैं। जो उन्हें एक गरिमामय जीवन जीने की आजादी देता हैं।
आज लोगो में संविधान के प्रति जागरूकता की कमी से लोकतंत्र की जड़े डगमगा गयी हैं। लोकतंत्र को मजबूत बनाये रखने के लिए संविधान के प्रति लोगो मे जागरूकता लाना अत्यावश्यक हैं। न सिर्फ शहरी क्षेत्रों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी संविधान का प्रचार-प्रसार करना जरूरी हैं। जो सिर्फ बीएस-4 अभियान से ही मुमकिन हैं।








