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भाजपा शासित राज्य हो या कांग्रेस की सरकार हर राज्य में द्विजों की गुंडागर्दी तेजी से बढ़ रही हैं। देश के मूलनिवासियों के साथ हो रहे अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र और गुजरात के बाद अब राजस्थान से खबर निकल कर आई हैं। जहा द्विज भास्कर पंडित और तरुण पंडित द्वारा एक मूलनिवासी युवक को आग लगा दिया गया। जहा इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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मामला राजस्थान के अजमेर जिले से निकल कर आई हैं । जहा एक बाइस वर्षीय मूलनिवासी युवक द्वारा अपने दिए गए उधार पैसे मांगने पर द्विजों ने उन्हें आग के हवाले कर दिया। जिसके बाद इलाज के दौरान मूलनिवासी युवक की मौत हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक मूलनिवासी रोहित के पिता ने बताया की पेट्रोल पंप पर काम कर रहे भास्कर पंडित और तरुण पंडित ने रोहित ने सात से आठ महीने पहिले पांच हजार रुपए उधार लिए थे।
जब रोहित ने उनसे पैसे लौटाने को कहा, तब दोनों ने उसके साथ गाली-गलौज की। बाद में भास्कर पंडित, तरुण पंडित और उनके एक सहयोगी पराशर ने रोहित को बुलाया और उसे एक चौराहे पर मिलने के लिए कहा। जहा तीनों ने रोहित के शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया।
रोहित दौड़ते दौड़ते घर के तरफ भागा जहा उसके पिता ने रोहित के शरीर से आग को बुझाया और उसे जेएलएनएच अस्पताल ले गया। जहा लगभग पंद्रह दिनों तक इलाज चलने के बाद रोहित की मौत हो गई।
हालांकि इस मामले में आरोपी पराशर, भास्कर पंडित और तरुण पंडित के खिलाफ आईपीसी की धाराओं और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण अधिनियम) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। लेकिन सिर्फ पराशर की गिरफ्तारी की खबर आई हैं, जबकि भास्कर पंडित और तरुण पंडित अब भी फरार हैं।
मूलनिवासियों पर हो रहे अत्याचार का यह केवल एक मामला नहीं हैं, बल्कि ऐसे कई मामले हैं जो मूलनिवासियों के उपर हो रहे अत्याचार को दर्शाता हैं।
हाल ही में महाराष्ट्र में एक मूलनिवासी युवक की हत्या बस इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने इस साल चौदह अप्रैल को बाबा साहेब ही जयंती मनाने में अहम भूमिका निभाई थी। जो मनुवादियों को राश नही आई। क्योंकि वे लोग नहीं चाहते थे की इलाके में बाबा साहेब की जयंती मनाई जाए।
इसी तरह बीते दिनों गुजरात में एक युवक का अंगूठा बस इसलिए काट दिया गया क्योंकि स्कूल के मैदान में क्रिकेट मैच के दौरान उसके आठ वर्षीय भतीजे ने गेंद को उठा लिया था।








