नौ वर्षीय बेटी ने कहा, “आम नागरिकों की स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए।”
सोशल मीडिया पर एक वीडियो जम कर वायरल हो रही हैं। जिसमे एक नौ साल की लड़की अपने भाषण में वर्तमाम भारत की स्थिति पर खुल कर बोलती नज़र आ रही हैं । ये लड़की और कोई नहीं बल्कि हाथरस मामले में रिपोर्टिंग करते समय गिरफ्तार किए गए पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की बेटी हैं।
हाथरस सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले की रिपोर्टिंग के लिए जाते समय गिरफ़्तार किये गए सिद्दीक़ कप्पन की नौ वर्षीय बेटी का दो मिनट ग्यारह सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा हैं। यह वीडियो बीते पंद्रह अगस्त का हैं, जब वो अपने स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दे रही थीं। अपने भाषण में पत्रकार सिद्दीक कप्पन की नौ वर्षीय बेटी ने कहा कि आम नागरिकों की स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए।
बताते चलें कि तानाशाह सरकार के इशारे पर सिद्दीक कप्पन को गिरफ्तार किया गया था। जब हाथरस में मूलनिवासी युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना की रिपोर्टिंग के लिए अक्टूबर दो हजार बीस में वहां जा रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का आरोप था कि, वह कानून व्यवस्था खराब करने के लिए हाथरस जा रहे थे। साथ ही पुलिस ने उनपर पीएफआई से जुड़े रहने का भी आरोप लगाया था।
फिलहाल इनकी बेटी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। थाकेरल के मल्लपुरम में स्थित सरकारी स्कूल में पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की नौ वर्षीय बेटी मेहनाज़ कप्पन ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, ‘मैं एक पत्रकार की बेटी हूं, जिन्हें सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध मूल नागरिक अधिकारों से वंचित कर जेल में बंद कर दिया गया है।’
वो वीडियो में कहती नज़र आ रही है कि, प्रत्येक भारतीय को यह तय करने का विकल्प है कि उसे क्या बोलना है, क्या खाना है या किस धर्म को मानना है? उसने कहा, ‘उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए, मेरा अनुरोध है कि आम नागरिकों की स्वतंत्रता और अधिकारों को नहीं छीना जाना चाहिए।’
नौ वर्षीय बच्ची ने कहा, “देश में अब भी अशांति है, क्योंकि यह धर्म, रंग या राजनीति के आधार पर हिंसा से स्पष्ट है तथा इसे ‘प्यार और एकता के साथ जड़ से उखाड़ फेंका जाना चाहिए।” उसने कहा, ‘प्रेम और एकता के साथ हम सबको इन सबका सफाया करना चाहिए। अशांति की छाया को भी मिटा देना चाहिए। हमें साथ मिलकर यह जीवन जीना चाहिए।’








