गरीबी रेखा को लेकर सरकार के पास ताजा आंकड़े नहीं।

“गरीबों की गरीबी मिटानी है”, “सरकार गरीबों के लिए है”, “गरीबों के लिए काम करेंगे” ऐसी बातें आप हर चुनाव में सुनते आ रहे होंगे। लेकिन अगर सरकार को पूछा जाएं कि देश में आज कितने लोग गरीबी रेखा से नीचे है? तो केंद्र की मोदी सरकार आपको वर्ष 2012 के आंकड़े देगी

यह कोई हवाई बाते नहीं है। अभी चल रहे संसद के मानसून सत्र में एक सवाल को  मोदी सरकार के ग्रामीण विकास राज्य मंत्री की तरफ से दिए लिखित उत्तर में वर्ष 2012 के आंकड़े दिए है। हालांकि उन्होंने ताजा आंकड़े देने चाहिए थे।

लोकसभा में 20 जुलाई 2021 को उत्तर देने हेतु ग्रामीण विकास मंत्री से एक अतारांकित प्रश्न पूछा गया था। जिसमें यह पूछा गया था कि क्या सरकार के पास देश भर की गरीबी रेखा के तहत आनेवाले लोगों की संख्या का कोई आंकड़ा है? इसके साथ और भी सवाल पूछे गए थे।

नरेंद्र मोदी सरकार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने अपने लिखित उत्तर में इसको लेकर वर्ष 2012 के आंकड़े दिए है।  

आपको बता दें कि केंद्र में सत्तासीन पार्टी बीजेपी बहुमत के साथ वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सत्ता में आयी और नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बनें। अब पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को सात वर्ष हो गए है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि देश में कितने लोग गरीबी रेखा के नीचे रह रहे है इसपर क्या मोदी सरकार ने बीते सात वर्षों में कोई सर्वे नहीं किया है?

इस पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में लिखें। लेख और वीडियो को शेयर करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here