केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि कानूनों से देश का किसान नाराज है। इन कानूनों के खिलाफ किसान रास्तों पर उतर कर विरोध जता रहें हैं। आज से किसान मोदी सरकार का घेराव करने के लिए दिल्ली मार्च निकाल रहें हैं। पंजाब और हरियाणा के किसान पूरी तैयारी के साथ इस प्रदर्शन में शामिल होगे। सरकार ने किसानों को रोकने के लिए दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर बडी तादाद में फोर्स तैनात की है।
दिल्ली पुलिस ने किसानों को प्रदर्शन की अनुमती नहीं दी है। सरकार की तरफ से पुलिस को साफ निर्देश दिए गए है कि किसानों को दिल्ली में घुसने न दिया जाए। किसानों ने भी कडा रुख इक्तियार कर के धरने पर बैठने की चेतावनी सरकार को दी है। हरयाणा सरकार ने भी किसानों को जमा होने से रोकने के लिए अनेक स्थानों पर धारा 144 लगा दी है। तथा 26 और 27 नवंबर के लिए हरयाणा-पंजाब बस सेवा भी रोक दी है।
हांलाकी बडी तादाद में किसानों के जत्थे दिल्ली के तरफ कूच कर चुके हैं। जानकारी के मुताबिक किसान अपने साथ खाने पीने का सामान और कपडे ले कर चले है। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति, राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान यूनियन ने मिलकर यह मार्च आयोजित किया है। कोरोना संकट के बीच दिल्ली पुलिस भी किसानों को रोकने का प्रबंध कर रही है।








