-चिंतन-

-चिंतन-

-मैं महिला हूँ तो , महिलाओं की बात करूंगी ,-
-सर्वप्रथम माता सावित्री बाई फुले को नमन करूंगी ,

-चिंतन तो , ज्योतिबा फुले जी का मानना ही होगा , –
-सबसे पहले क्यों पढ़ाया ? सावित्री बाई को ये जानना होगा,-

-जानते थे वे जिस घर की नारी पढ़ी – लिखी होगी ,-
उस घर की सुंदरता , स्वर्ग से कम नहीं होगी ,-

-सावित्रीबाई ने भी मान रखा अपने जीवन साथी का ,-
-ठान ली उसने भी नारियों को शिक्षा का अधिकार दिलाने का,-

-अब ” रमा ” हम सबको भी गाँव – गाँव में जाना ही होगा,-
-जहाँ ना पहुंची शिक्षा , वहाँ अपना कर्तव्य निभाना होगा।-

-रमा प्रेम – शांति-
बालाघाट
10 नवम्बर 2019
दोपहर – 02 : 50

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