पेरियार रामासामी के सहयोगी और द्रवीड कजगम के अध्यक्ष के वीरमणी ने बिगर भाजपाई शासित 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को ओबीसी आरक्षण के बारे में खत लिखा है। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को ओबीसी की एक याचिका के बारे में आए एक कथन की पृष्ठभूमि पर यह महत्वपूर्ण माना जा रहा है। के वीरमणी ने न केवल 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को खत लिखा है बल्कि विभिन्न राजनैतिक पार्टियों और संगठनों को भी पत्र लिखा है।

आपको बता दें की गुरुवार को जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षतावाली पीठ ने तामिलनाडू से विभिन्न पार्टियों द्वारा दायर ओबीसी के आरक्षण कोटा के बारे में कहा है कि आरक्षण मूलभूत अधिकार नहीं है। याचिका यूजी और पीजी मेडिकल और डेंटल कोर्स में ओबीसी के कोटा के बारे में थी।
सुप्रीम कोर्ट की इस खंडपीठ द्वारा दिए गए इस कथन पर देशभर में गंभीर प्रतिक्रिया दी जा रही है। फेयर क्रिटिसीजम के तहत खंडपीठ के इस कथन की निंदा की जा रही है।








