देश की सबसे बडी कंपनी ‘ एलआयसी ’, बेच देंगी मोदी सरकार !

‘मैं देश नहीं बिकने दुंगा’ कहने वाली मोदी सरकार एक के बाद एक सरकारी संस्थान बेच रहीं है। अब अपने बजट घाटे को पूरा करने के लिए मोदी सरकार कमर कस रही है। देश की सबसे बडी कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम में अपनी 25 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना मोदी सरकार बना रही है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जिस एक्ट के तहत एलआयसी की स्थापना की गई थी, उसी एक्ट को ही बदलने की योजना सरकार बना रही है। पहले सरकार ने एलआयसी की 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया था। लेकिन अब 25 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विचार किया जा रहा है। हालांकि सरकार कई टुकडों में यह हिस्सेदारी बेचेगी. सूत्रों के मुताबिक सरकार की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

माना जा रहा है कि सरकार एलआईसी की हिस्सेदारी बेचकर अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करना चाहती है। इस वित्त वर्ष के दौरान विनिवेश से 2.1 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन अबतक केवल 57 अरब रुपये ही जुटाए जा सके हैं। अब सरकारी कंपनी एलआईसी में हिस्सा बेचकर सरकार इस लक्ष्य को हासिल कर सकती है।

पहले चरण में सरकार 10 फिसदी हिस्से को बेचेगी।उसके बाद बाकी हिस्सेदारी को राउंड में बेचने की योजना है। सुत्रोंका के मुताबिक एलआईसी की  हिस्सेदारी बेचने में रिटेल इन्वेस्टर्स को प्रथमिकता दि जा सकती है। और इसके लिए उन्हे 10 % डिस्काउंट दिया जा सकता है। यह डिस्काउंट एलआईसी में काम वाले कर्मचारीयों को भी मिलेगा।

पीएम मोदी धडल्ले से सरकारी कंपनियाँ नीजि हाथों में बेचकर देश को एक बार फिर पूंजिपतियों के हाथों में सौपने की तैयारी कर रही हैं। इसके साथ ही इन कंपनियों में एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण को भी खत्म कर रही हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here