मूलनिवासी बहुजन समाज के लोगों पर दिन ब दिन अत्याचार बढ रहे है। लगातार हो रही इन घटनाओं से अब देश के मूलनिवासीयों में शासक जातियों के खिलाफ रोष बढ़ रहा है। शासक जातियों की तानाशाही के ख़िलाफ़ लोग सड़कों पर आ रहे हैं।
हाथरस अत्याचार के खिलाफ, मूलनिवासी बहुजन समाज की बेटी के न्याय के लिए बुधवार 30 सितम्बर को मध्यप्रदेश के रीवा में नागरिकों ने कैंडल मार्च निकाला। मूलनिवासी बहुजन समाज के खिलाफ हो रहे अत्याचारों की निंदा की गयी। बिते 28 सितंबर को राजपति कुशवाह इनकी पुलिस थाने में हुयी हत्या के बारे में भी आक्रोश इस कैंडल मार्च के माध्यम से हुआ। यह मार्च विवेकानंद पार्क कॉलेज चौराहा से होते हुए शिल्पी प्लाजा तक निकाला गया था।विवेकानंद पार्क में मार्च की समाप्ती की गयी।
मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के प्रदेश महासचिव रजनीश प्रजापति, मूलनिवासी संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हनुमान सेन, कार्यकारिणी सदस्य बाबादीन, सज्जन सिंह, जीतेन्द्र पटेल, अजाक्स महिला विंग की सम्भागीय अध्यक्ष स्नेहलता आदि पदाधिकारी एवं मूलनिवासी समाज के नागरिक सम्मिलित हुए।







