हरियाणा चुनाव में सत्ता पक्ष की संदिग्ध गतिविधियाँ आयी सामने !

चुनाव प्रक्रिया में जनता को कोई परेशानी ना हो और यह सरल बनी रहे इस लिए भारतीय चुनाव आयोग हर बूथ पर बूथ लेवल ऑफिसर की नियुक्ती करता है। चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने तक यह पद सरकारी और जिम्मेदारी पूर्ण होता है। लेकिन हरियाणा के बरोदा विधानसभा क्षेत्र में हुए चुनाव में चिंताजनक सवाल खडे किए है। दरअसल बूथ लेवल ऑफीसर की जगह सत्ता पक्ष के कुछ नौजवानों ने संदिग्ध हस्तक्षेप करने की कोशिश की। जिन्हे पुलिस ने बाद में हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद चुनावों की निष्पक्षता फिर एक बार कटघरे में खडी है।

चुनाव के समय जनता को वोटर स्लिप पहूंचाने की जिम्मेवारी बूथ लेवल ऑफिसर की होती है। लेकिन उन की जगह भाजपा के कुछ कार्यकर्ता यह काम करते पकडे गए। जिसके बाद हरियाणा की भाजपा सरकार पर अनेक आरोप लग रहे है। जिसपर भाजपा का कहना है कि यह नौजवान केवल वोटर स्लिप निकालने गए थे।

इसके पहले भी भाजपा पर ईवीएम मशीन हैक करने के आरोप लगते रहें हैं। लेकीन इस बार एक कदम आगे बढ कर वोटर स्लिप पर दाव लगाया है। इस घटना पर विरोध जताते हुए पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने पकडे गए संदिग्धों की मजबुती से जांच करने की मांग की है। उनके पास मिले इलेट्रॉनिक डिवाईस भी चेक करने की सलाह पीपीआईडी ने दी है। इन डिवाईस का मत परिवर्तन में इस्तेमाल किया गया है क्या? इसकी भी जांच हो। तथा चुनाव आयोग भी इस घटना पर अपनी स्थिती स्पष्ट करने की मांग की है।

देश के नौजवानों को, आज रोजगार की जरूरत है। लेकिन भाजपा उन्हे बेरोजगार रख कर उनका चुनावों में अवैध रुप से इस्तेमाल कर रही है। देश के नौजवानों को ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अपनी कमर कस लेनी चाहिए। ऐसी सलाह पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया हरियाणा के प्रदेश महासचिव सुभाष जांगडा इन्होंने दी है।

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