भारत के संसद का मॉनसून सत्र आज सोमवार 19 जुलाई 2021 से शुरू हो गया है। इस सत्र की करवाई 13 अगस्त 2021 तक चलेगी। आज के संसद सत्र में नए मंत्रियों एक स्वागत किसानों की समस्याओं से हुआ है। आपको बता दें कि आठ महीनों का लम्बा समय हो गया है कि दिल्ली की बॉर्डर पर किसान संयुक्त मोर्चा बनाकर धरना दे रहे हैं। लेकिन सरकार को कोई फर्क पड़ते हुए नहीं दिखाई दे रहा है।
किसानों ने अपने 200 सदस्यों को दिल्ली में संसद के पास जाकर अपनी संसद चलाने का ऐलान किया है। किसान संगठन की तरफ से दिल्ली पुलिस को कहा गया है कि रोज उनके 200 सदस्य आईडी कार्ड के साथ सिंघु बॉर्डर से संसद की ओर जायेंगे। प्रत्येक प्रदर्शनकारी के बारे में सभी जानकारी पुलिस को दी जाएगी, जिसमें प्रदर्शनकारी का आधार कार्ड और मोबाइल फोन नंबर शामिल होगा।
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने कहा है कि 22 जुलाई से संसद मार्च के विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम में 22 राज्यों के किसान भाग लेंगे।
जानकारी हों कि आंदोलन में बैठे किसानों की ओर से देश के सांसदों को पीपल्स व्हिप जारी किया गया है। इस किसानों के पीपल्स व्हिप के अनुसार सांसदों को 3 किसान विरोधी कानूनों को निरस्त करने और किसानों की सभी फसलों के एमएसपी पर कानूनी गारंटी के लिए कानून बनाने का निर्देश दिया गया है।
आपको बता दें कि संसदीय व्यवस्था में अगर पार्टी किसी मुद्दे पर व्हिप जारी करती है तो उस पार्टी के सांसद पार्टी के निर्णय के खिलाफ नहीं जा सकते है। लेकिन यह व्हिप आंदोलन में बैठे किसानों ने जनता की ओर से संसद में चुने गए लोक प्रतिनिधियों को जारी किया है।
आठ महीनों से किसान संगठन सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेने के लिए और एमएसपी का कानून बनाने को कह रहे हैं। इस पर अभी कोई समाधान नहीं निकला है। आने वाले समय में उत्तर भारत के महत्वपूर्ण राज्यों के विधानसभा चुनाव होने है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में किसान किस प्रकार से दबाव बनाते हैं इस बात पर भी सभी का ध्यान है।
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