बिहार विधानसभा के पहले चरण के मतदान 28 अक्तूबर को हो चूके है। इसके बाद अब सभी राजनीतिक पार्टियाँ दूसरे चरण के चुनाव की तय्यारियाँ कर रही है। ईसीके मद्देनज़र असोसिएशन फ़ॉर ड़ेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म ने दूसरे चरण के प्रत्याशियों पर घोषित आपराधिक विवरण प्रकाशित किए है। उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र पर घोषित किए आपराधिक विवरणों के आधार पर यह विश्लेषण किया है।
दूसरे चरण में 1463 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है। इनमें से 502 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज है। वही 389 उमीदवारो के ऊपर गम्भीर आपराधिक मामले दर्ज है।
पार्टियों के आधार पर बात करें तो राष्ट्रीय जनता दल के 56 में से 36 याने 64 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज है। वही भारतीय जनता पार्टी के 46 में से 29 याने 63 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज है। नैशनल कोंग्रेस पार्टी के 24 में से 14 याने 58 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज है। लोक जनशक्ति पार्टीने 52 में से 28 आपराधिक मामलों में संलिप्त उम्मीदवारों को टिकट दिया है। और जेडीयू के 43 में से 20 याने 47 प्रतिशत उम्मीदवार आपराधी है।
दूसरे चरण के 1463 में से 49 उम्मीदवारोंने महिलाओं के ऊपर अत्याचार से सम्बंधित मामले घोषित किये है। इन 49 में से 4 उम्मीदवारों पर ने बलात्कार के मामले दर्ज है।








