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पल्लवी हत्याकांड का सच !
आरोपी जाती देखकर क्यों मौन हो जाती हैं मीडिया ।
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मूलनिवासी बहुजन समाज एक और होनहार स्टूडेंड को खो चुका हैं। जिसका नाम पल्लवी कुमारी हैं। बताते चलें कि पल्लवी बीआईटी मेसरा की छात्रा थी । पल्लवी की हत्या का आरोप द्विज पीयूष तिवारी पर लगा हैं।
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घटना झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम प्रखंड के टाटीसिलवे थाना क्षेत्र की हैं। जहा से बीते सोमवार पुलिस को पल्लवी की लाश मिली।
सतरह वर्षीय मूलनिवासी पल्लवी कुमारी मू० विजय राम की बेटी थी । जो बीआइटी मेसरा की छात्रा थी। आरोप हैं कि पल्लवी और आरोपी पीयूष तिवारी के बीच टाटीसिल्वे थाना क्षेत्र के आरा गेट के समक्ष रेलवे ट्रैक के पास किसी बात को लेकर बकझक हो रही थी। स्थनीय लोगो के बयान के मुताबिक आरोपी ने पल्लवी को ट्रेन के आगे धकेल दिया था। जिसके बाद आरोपी वहा से फरार हो गया।
वही दूसरी तरफ़ पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पता चला हैं। कि युवती की मौत ट्रेन से टकराने से नहीं बल्कि सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट से हुई है। आशंका जतायी जा रही है कि किसी धारदार हथियार से मार कर हत्या की गयी है।
यह कोई पहला मामला नहीं हैं जहाँ एक लड़की की हत्या हुई हो। ऐसे सैकड़ो मामलों के उदाहरण आपको मिल जयेंगे। यूही नहीं भारत को लड़कियों के लिए सबसे खतरनाक देश माना जाता हैं।
लेकिन बाकी मामलों की तरह पल्लवी कुमारी के मामले में भी गौर करने वाली बात यह हैं की न ही किसी मीडिया चैंनलों ने इस खबर को दिखाया और न ही सोशल मीडिया पर किसी संघ या दल के लोगो ने आरोपी के फांसी की मांग किया हैं। जिसका कारण हैं आरोपी के पीछे लगा उसका टाइटल। अगर यही आरोपी के नाम के साथ खान, मोहम्मद, अहमद आदि लगा होता तो बवाल मचा होता।








