मूलनिवासी पहचान और संविधान प्रचार अभियान से ब्राह्मणवादी ताकतों में घबराहट !

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बामसेफ मूलनिवासियों का एक मात्र विकल्प !

बामसेफ के वैचारिक आंदोलन से घबराया ब्राह्मणवाद।

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मनुवादियों के हर षड्यंत्रों को अगर कोई संगठन नाकाम कर रहा हैं तो वह सिर्फ और सिर्फ बामसेफ हैं। बामसेफ पिछले पच्चास सालों से लगातार अपने समाज के लोगो को जागरूक करने का काम कर रही हैं। बामसेफ का काम मनुवादियों के लिए सिर का दर्द बन गया । इसका उदाहरण छत्तीसगढ़ की घटना हैं।

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हम हमेशा से ही देखते आ रहे हैं कि मूलनिवासी संघ या बामसेफ के वैचारिक आंदोलन से ब्राह्मणवादी घबराते आ रहे हैं और उसे रोकने के लिए उनके कार्यक्रमों को किसी न किसी रूप से रोकने की सवर्ण जातियां कोशिश करते आ रहे हैं।

आजादी के सात दशक बाद भी इस देश मे संविधान का प्रचार-प्रसार उस तरह नहीं हुवा जैसे होना चाहिए था। लेकिन बामसेफ परिवार के तरफ से भारत के संविधान के प्रचार-प्रसार का अभियान चलाया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप मूलनिवासी समाज की सभी छोटी बड़ी संस्थाएं इस अभियान का हिस्सा बन गई है।

इसी अभियान के तहत दिनांक 11 दिसंबर, 2022 दिन रविवार को छत्तीसगढ़ के ग्राम ‘कछोद’ में मूलनिवासी संघ की तरफ़ से एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रुप में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मू० डी० एस० पाटील मौजूद थे। कार्यक्रम शुरू होने के दो घंटे बाद दो कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता भुपेंद्र द्विवेदी (ब्राह्मण) और विर भान सिंह (ST) कार्यक्रम को बंद करने आ पहुंचे।

प्रशिक्षकों का आरोप है कि दोनों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उनके काम में बाधा डाला और कहा कि, “हमें संविधान के प्रचार का अधिकार नहीं है, हमे अनुमति दिखाईए!”

प्रशिक्षकों ने कहा कि, इस प्रकार की असंवैधानिक बातें कर मूलनिवासी संघ के कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे थे। कार्यकर्ताओं के लाख समझाने के बावजूद वे नहीं माने। गर्मागर्म भैसबाजी के कारण कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थी घबरा रहे थे। जिसके कारण स्थिति को ध्यान में रखते हुए शिविर को बीच में रद्द करना पड़ा।

इस घटना से यह फिर सिद्ध हो गया है, कि कांग्रेस पार्टी भी भारत के संविधान के विरोध में उतनी ही ताकत से खड़ी है, जितनी ताकत से भाजपा या अन्य ब्राम्हणवादी संगठन खड़े हैं। अफसोस की बात तो यह है कि उनके इस काम में बहुजन समाज के लोग भी साथ दे रहे हैं। जिसका कारण हैं जानकारी का अभाव।

मूलनिवासी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मू० डी० एस० पाटील ने तथा पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक के मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मू० ब्रिज किशोर साहू ने इस घटना की निंदा कर कॉन्ग्रेस पार्टी का बहिष्कार किया है।

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