फुले-आंबेडकरी विचारधारा को जनमानस तक पोहचाने के लिए बामसेफ तथा मूलनिवासी संघ के कार्यकर्ता जी जान से काम कर रहें हैं। इसी के चलते उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित देवकली, बरगांव और मानिकलाल गांव में ७ अक्टुबर को बामसेफ तथा मूलनिवासी सभ्यता संघ की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आंबेडकरी विचारधारा पर विस्तृत चर्चा की गई।
देवकली में सुबह ७ बजे इस बैठक का आयोजन किया गया था। जिसकी अध्यक्षता माननीय संदीप जी इन्होंने की। बैठक का सुत्र संचालन मूलनिवासी योगी मास्टर जी इन्होंने किया।
इस बैठक के उपरान्त सुबह ११ बजे बरगांव में दुसरी बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता माननीय कन्हैया कुमार जी ने की। तथा, अरूण कुमार जी ने सुत्र संचालन किया।
तथा दोपहर १ बजे मानिकलाल में तिसरी बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता सुरज कुमार ने की। यहां मूलनिवासी सभ्यता संघ ने गीत-संगीत-नृत्य तथा नाटक का मंचन किया। दरअसल यह बैठक सुरज कुमार जी के मौसी के बेटे के नामकरण समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी।
इन तीनों बैठकों को मूलनिवासी सभ्यता संघ के जिलाध्यक्ष उमेश चंद्र जी ने संबोधीत किया। इनके साथ मनोज कुमार, विकास बौद्ध, अशोक कुमार बौद्ध, धर्मेंद्र कुमार, राधेश्याम जी, शनिदेवल जी और संतोष कुमार ने अपने विचार रखें। तीनों बैठकों मे बडी तादाद में ग्रामस्थ उपस्थित थे।
डॅा बाबासाहब आंबेडकर इनके विचारों का कारवां बामसेफ और मूलनिवासी संघ दुगनी रफ्तार से आगे बढा रहा है। एक ही दिन में एक के बाद एक तीन बैठकें इसी का उदाहरण है।







