विवादित कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बुराडी जाने से इनकार कर दिया है। किसानों का कहना है कि वो जगह खुली जेल की तरह है और वे बॉर्डर से ही दिल्ली घेराव करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी (पंजाब) के अध्यक्ष सुरजीत एस. फूल ने कहा, ‘हमने निर्णय लिया है कि हम बुराड़ी पार्क नहीं जाएंगे, क्योंकि यह एक खुली जेल है. दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड किसान संगठन के अध्यक्ष को बताया कि वे उन्हें जंतर मंतर ले जाएंगे, लेकिन इसकी जगह उन्होंने उन्हें बुराड़ी पार्क में बंद कर रखा है.’
गृह मंत्री अमित शाह और गृह सचिव द्वारा 3 दिसंबर से पहले किसानों से बातचीत करने के लिए लगाई गईं शर्तों पर उन्होंने कहा, ‘बातचीत के लिए रखी गईं शर्तें किसानों का अपमान है।
बता दे कि कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में मौजूद निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है लेकिन किसानों ने सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर ही डेरा डाल रखा है।







