बामसेफ और इसके ऑफ सूट विंग्स के कार्यकर्ता गांव-गांव लगा रहे हैं बीएसफोर के कार्यक्रम।
अब वो दिन दूर नहीं जब देश के हर मूलनिवासी संविधान के बारे में जानेंगे। साथ ही संविधान में वर्णित अपने अधिकारो से भी परिचित होंगे।
बामसेफ पिछले कई सालों से संविधान के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बीएसफोर (भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा , संवर्धन) का कार्यक्रम देश के कोने-कोने में चला रहा हैं।
इस देश मे विश्व का सबसे बेहतरीन और भव्य लिखित संविधान लागू हैं। लेकिन जिस स्तर से इस संविधान का प्रचार-प्रसार होना चाहिए था वो नही किया गया । जिसका परिणाम ये हैं की आज भी लोग संविधान से अपरिचित हैं और इक्कीसवीं सदी में भी मनुवादियों द्वारा थोपी गयी अमानवीय विधियों को झेल रहे हैं। जिन विधियों को संविधान ने शून्य घोषित किया हैं।
संविधान लागू होने के सात दशक बाद भी देश के मूलनिवासी यहाँ तक कि पढ़े-लिखे लोग भी संविधान के महत्व और उसमें दिए गए अधिकारों से वंचित हैं। जिस कारण से वे असंख्य परेशानियों को झेल रहे हैं।
बामसेफ ने मूलनिवासियों के असंख्य परेशानियों का हल ये पाया कि अगर देश के दबे , कुचले, वंचित, शोषित मूलनिवासियों को संविधान और उसमें वर्णित अधिकारों से परिचित करा दिया जाता हैं । तो इनकी सारी समस्याओं का समाधान हो सकता हैं और इसी उद्देश्य से संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं के कंधों पर बीएसफोर का जिम्मा सौंपा।
आज बीएसफोर के कार्यक्रम भारत के कोने-कोने में चलाए जा रहे हैं। बामसेफ और इसके ऑफ सूट विंग्स के कार्यकर्ता तन-मन और धन से बीएसफोर को सफल बनाने में लगे हुए हैं।
विभिन्न जिलों , मोहल्लों, कस्बो, बस्तियों, गांव के साथ-साथ विद्यालयों, कार्यालयों में भी संविधान जागृति के कार्यक्रम हो रहे हैं।
संविधान जागृति के इस मुहिम में जगह-जगह से जागरूक युवा और महिलाएं भी ‘संविधान प्रबोधक’ बनने की इच्छा जता रहे हैं।
संविधान प्रबोधकों को संगठन के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा संविधान जागृति के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं।
इस मुहिम की महत्वता को देखते हुए बीएसफोर कार्यक्रमों में महिला, युवा, प्रौढ़ व बुजुर्ग भी उत्साहित होकर हिस्सा ले रहे हैं । साथ ही कार्यक्रम के लिए भवन, बैठने की व्यस्यह तथा नास्ते का प्रबंध अपनी इच्छा से कर रहे हैं।
आईये फरवरी और मार्च के कुछ कार्यक्रमो पर नज़र डालते हैं।
20 फरवरी को झारखंड राज्य के धुर्वा डैम परिसर में बीएस-4 महा जन जागरण अभियान का कार्यक्रम हुआ। जिसकी अध्यक्षता मू० रंजन चौधरी प्रदेश अध्यक्ष ने की। जिसमें मू० अनिता चौधरी, मू० लीलावती कुमारी, मू० अनामिका आजाद, मू० विनीता दास, मू० पूनम चौधरी, मू० गंगा रविदास, मू० कविंदर राम, मू० रामसागर, मू० मनोज आजाद, मू० गनोरी दास,मू० रामधनी राम, पंकज रवि, बासिस्ट मल्लिक, घनश्याम दास, सुनील कुमार, राजेश्वर पंडित, रामनरेश प्रसाद, बालराम कालिंदी, डॉक्टर आर के राम, मीणा दास, राजन नायक, बंटी नायक, हरीश महतो, डॉ अनिल महतो, निवारण महतो, उबोध राम समेत जागृत कार्यकर्ता उपस्थित थे।

20 फरवरी में उत्तराखंड राज्य के ग्राम वधाणखेत तिमला, तहसील रानीखेत जिला अलमोडा मे बीएस-4 डोर टू डोर के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे स्थानीय महिलाओं, युवाओं व बुजुर्गों ने हिस्सा लिया। साथ ही यहां BS4 के लिए पीपल्स सोशल एक्शन कमेटी का भी गठन हुआ।

20 फरवरी को गुजरात के नेहरूनगर, राजकोट में मू. देवजीभाई परमार जी की अगुवाई में उनके घर पर ही संविधान जागृति का कार्यक्रम लिया गया। जिसमें इस अभियान के महत्व को समझा गया। इस अभियान को नहरुनगर, राजकोट में कैसे आगे बढ़ा सकते हैं इस पर विमर्श हुआ।

वही महाराष्ट्र के नाशिक शहर के मंगलमूर्ती नगर स्थित मस्जिद में बीएस-4 महा जन जागरण अभियान के कार्यक्रम पर चर्चा की गई। शुक्रवार को नमाज के लिये आनेवाले नागरिकों की संख्या अधिक होने के कारण इस दिन पर कार्यक्रम आयोजित करने पर चर्चा हुई और नियोजन किया गया। मू. संजय पगारे और मू. एस. डी. कीर्तीकर सर ने इस बैठक का नेतृत्व किया।

गुजरात राज्य के वलसाड जिला स्थित डुंगरीफली आदिवासी गांव में भी कार्यक्रम किया गया। अनेकों गावों में भी बीएसफोर अभियान से जुडने हेतु लोग सामने आये। डुंगरीफली आदिवासी गांव में युवाओं नें “संविधान प्रबोधक” की इच्छा जताई और इसके बारे में प्रक्षिण की मांग की।

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिला के सिनगाव जहागीर गांव में बीएस-4 महा जन जागरण अभियान के तहत प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण वर्ग में ओबीसी, एससी समुदाय के जागृत कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस प्रशिक्षण के बाद पांच युवाओं ने संविधान प्रबोधक बनने हेतु पंजीकरण भी किया। सभी ने एक आवाज में कहा की बीएस-4 महा जन जागरण अभियान हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्य करेंगे। मू. राजेश गवई ने इस बैठक में मार्गदर्श किया। इस अवसर पर अभियान में जुड़े नए साथी राजू इंगले ने भी विचार रखें।

बुलढाणा के सिंदखेड राजा के गांव सवडद में भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें बीएसडब्ल्यू किए युवक रणजित वायसे ने संविधान प्रबोधक बनने हेतु पंजीकरण किया।

उत्तराखंड राज्य के चम्पावत जिले के गांव कांडा में बीएस-4 महा जन जागरण अभियान के तहत कार्यक्रम हुआ। इसमें बीसफोर अभियान को सफल बनाने हेतु नागरिकों की ओर से क्या कारवाई होनी चाहिए इसपर भी चर्चा हुई। संविधान लागू कराने के लिए पीपल्स सोशल एक्शन कमेटी की जानकारी दी गई साथ ही यूवाओं एवं महिलाओं को आगे आने पर बल दिया गया। पिछड़े वर्ग पर हो रहे अन्याय और अत्याचारों के लिए सभी को संगठित होकर कार्य करने पर विमर्श हुया। कार्यक्रम में मा. कृष्ण राम राज (जिला प्रभारी बामसेफ, नैनीताल) मा. जगदीश प्रसाद प्रधान, मा. दीपक कुमार प्रधान, मा. रूप राम (पूर्व प्रधान), मा. गीता विश्वकर्मा ने संबोधित किया।

बीएस-4 महा जन जागरण अभियान के तहत तेलंगणा राज्य के आसिफाबाद के बुध्द विहार में एक बैठक का आयोजन हुआ। मा. एम. टी. साव सर की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में मूलनिवासी संघ के “मूलनिवासी संसद” के कार्यक्रम पर भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर मा. जी. के. उपरे, मा. महेंद्र सोरते, मा. अरूण बहादे, मा. किशोर मून, आदि ने अपने जागृतिपूर्ण विचार रखे। इस अवसर पर आसिफाबाद जिला के भारतीय संविधान प्रचारक मा. गेडाम सर, मा.उपरे सर, मा. दुर्गे सर इन्होंने उपस्थित रहकर कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की हौसला अफ़ज़ाई की।
महाराष्ट्र के धुले शहर स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा चौक में बीएस-4 महा जन जागरण अभियान के तहत मू. रवींद्र मोर सर की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। जिसमें संविधान के बारे में चल रहे इस अभियान को लेकर चर्चा हुई। चार युवाओं ने संविधान प्रबोधक बनने हेतु अपना पंजीकरण किया। इस कार्यकर्म में मूलनिवासी संघ के जिला अध्यक्ष मू. नरेंद्र खैरनार एवं जिला सचिव मू.गोपीचंद शिरसाठ उपस्थित थे।
धुले शहर में साक्री बायपास इलाके में स्थित एक हौसिंग सोसायटी में बीएस4 अभियान की बैठक हुई। जिसमें स्थानीय जागृत नागरिक उपस्थित रहें। मूलनिवासी संघ के जिला अध्यक्ष मू. नरेंद्र खैरनार और मू.किशोर कुवर जी के नेतृत्व में यह बैठक हुई। इस कार्यक्रम में 10 जागृत नागरिकों ने संविधान प्रबोधक बनने हेतु फॉर्म भरकर अपना पंजीकरण किया। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा संविधान सभा में दिए दो भाषणों की पुस्तिकाओं का वितरण इस बैठक में किया गया।

महाराष्ट्र के सातारा जिले के माण तहसील में देवापुर इलाके में एक बस्ती में 12 विद्यार्थी और युवाओं के साथ BS4 अभियान के बारे में चर्चा हुई। मू. एम डी चंदनशिवे जी ने विद्यार्थी और युवाओं को BS4 अभियान के बारे में बताया। 7 युवाओं ने संविधान प्रबोधक बनने हेतु फॉर्म भरें। युवाओं ने एक वाट्सएप्प ग्रुप भी बनाया जिससे अभियान से जुड़ी जानकारियों का आदान-प्रदान हो सके।

इस महीने अर्थात मार्च में राजस्थान के राजकोट में पिछड़ा वर्ग कर्मचारी मंडल के जिम्मेदार सदस्यों के साथ BS4 अभियान की बैठक हुई। इसमें अभियान के महत्व पर चर्चा हुई और देश भर में विभिन्न जिलों में यह अभियान किस प्रकार से चल रहा है इसकी भी जानकारी दी गई।
महाराष्ट्र के धुले जिले के ग्रामीण क्षेत्र में गांव फ़ागणे में BS4 की बैठक हुई। संविधान लागू कराने के लिए पीपल्स सोशल एक्शन कमेटी की जानकारी दी गई। मूलनिवासी संघ के जिला अध्यक्ष मू. नरेंद्र खैरनार की अगुवाई में यह बैठक हुई। यहां पर 12 जागृत कार्यकर्ताओं ने संविधान प्रबोधक के फॉर्म भरकर दिए। मू० गौतम अहिरे ने सभी के लिए चायपान की व्यवस्था की।
दिल्ली के शाहदरा स्थित वेलकम कालोनी के रविदास मंदिर BS-4 अभियान तहत युवाओं की बैठक हुई। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में संविधान की जानकारी किस प्रकार से पहुंचाई जा सकती है इसपर विमर्श किया गया। संविधान प्रबोधक के लिए प्रशिक्षण की भी जानकारी इस वक्त दी गई।
महाराष्ट्र राज्य के नाशिक शहर स्थित आदिवासी छात्रावास में BS4 अभियान के अंतर्गत मीटिंग हुई। इसमें छात्रावास के 75 विद्यार्थी उपस्थित थे। विद्यार्थियों के साथ संविधान के महत्व और उसके अमल पर विस्तार से चर्चा हुई। संविधान की जानकारी जन-जन तक क्यों पहुंचाना जरूरी है इस पर गंभीरता से चर्चा हुई। बीएस4 महा अभियान के बारे में और संविधान लागू करवाने के लिए पीपल्स सोशल एक्शन कमेटी को लेकर विद्यार्थियों ने विस्तार से जानकारी ली। यहां पर कई विद्यार्थियों ने संविधान प्रबोधक बनने हेतु पंजीकरण की इच्छा जताई। मीटिंग में केवल 15 फॉर्म ही उपलब्ध थे। 15 विद्यार्थियों ने फॉर्म भरें बाकी विद्यार्थियों के लिए फॉर्म की मांग हुई। यह कार्यक्रम मू. संजय पगारे और मू. एस. डी. कीर्तीकर सर के नेतृत्व में हुआ।
एमएनटी न्यूज पर हम कोशिश करंगे की प्रत्येक सप्ताह हम बीसफोर की गतिविधियों की वीकली अपडेट देने की कोशिश करेंगे। अपडेट पाने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और फॉलो करें और यूट्यूब पर सबस्क्राइब करें, साथ ही बेल आइकॉन को भी ऑन रखें।









जय भीम जय मूलनिवासी जय भारत जय संविधान