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इस देश की विभिन्न समस्याओं में से एक बेरोजगारी की समस्या भी हैं। हाल ही में जारी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों के अनुसार, भारत की बेरोज़गारी दर अक्टूबर में दो साल के उच्चतम स्तर दस दशमलव शून्य नौ (10.09) प्रतिशत पर पहुंच गई हैं।
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भारत में योग्यता के आधार पर रोजगार पाना बेहद मुश्किल हैं। देश में ऐसे करोड़ो लोग है जिन्हे काम की तलाश हैं लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा हैं।
यही कारण हैं की आज करोड़ो लोग काम की तलाश करना ही छोड़ चुके हैं। इस हालातों से हम समझ सकते है की इस देश में रोजगार पाने की स्थिति क्या हैं?
इस देश की विभिन्न समस्याओं में से एक बेरोजगारी की समस्या भी हैं। जिससे आज करोड़ो युवा जूझ रहे हैं।
हाल ही में जारी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों के अनुसार, भारत की बेरोज़गारी दर अक्टूबर में दो साल के उच्चतम स्तर दस दशमलव शून्य नौ (10.09) प्रतिशत पर पहुंच गई हैं।
यह आंकड़ा सितंबर से लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, क्योंकि पिछले महीने यानी सितंबर में बेरोजगारी दर सात दशमलव शून्य नौ (7.09) प्रतिशत था।
रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण बेरोजगारी छह दशमलव दो (6.2) प्रतिशत से बढ़कर दस दशमलव आठ दो (10.82) प्रतिशत हो गई है। जबकि शहरी बेरोजगारी दर अक्टूबर में आठ दशमलव चार चार (8.44) प्रतिशत बताई जा रही हैं।
एक सर्वे के मुताबिक बढ़ते बेरोजगारी दर को देश की सबसे बड़ी समस्या माना गया हैं।
सर्वे में पाया गया की, पंद्रह से चौतीस वर्ष के छत्तीस प्रतिशत भारतीयों ने माना कि बेरोज़गारी देश के सामने सबसे बड़ी समस्या है।
वही कम से कम चालीस प्रतिशत शिक्षित लोगों जिन्होंने स्नातक या उससे ऊपर तक की पढ़ाई की है वैसे लोगो ने बेरोजगारी को सबसे बड़ी चुनौती के रूप में पहचाना है।
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इस देश की विभिन्न समस्याओं में से एक बेरोजगारी की समस्या भी हैं। हाल ही में जारी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों के अनुसार, भारत की बेरोज़गारी दर अक्टूबर में दो साल के उच्चतम स्तर दस दशमलव शून्य नौ (10.09) प्रतिशत पर पहुंच गई हैं।
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भारत में योग्यता के आधार पर रोजगार पाना बेहद मुश्किल हैं। देश में ऐसे करोड़ो लोग है जिन्हे काम की तलाश हैं लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा हैं।
यही कारण हैं की आज करोड़ो लोग काम की तलाश करना ही छोड़ चुके हैं। इस हालातों से हम समझ सकते है की इस देश में रोजगार पाने की स्थिति क्या हैं?
इस देश की विभिन्न समस्याओं में से एक बेरोजगारी की समस्या भी हैं। जिससे आज करोड़ो युवा जूझ रहे हैं।
हाल ही में जारी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों के अनुसार, भारत की बेरोज़गारी दर अक्टूबर में दो साल के उच्चतम स्तर दस दशमलव शून्य नौ (10.09) प्रतिशत पर पहुंच गई हैं।
यह आंकड़ा सितंबर से लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, क्योंकि पिछले महीने यानी सितंबर में बेरोजगारी दर सात दशमलव शून्य नौ (7.09) प्रतिशत था।
रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण बेरोजगारी छह दशमलव दो (6.2) प्रतिशत से बढ़कर दस दशमलव आठ दो (10.82) प्रतिशत हो गई है। जबकि शहरी बेरोजगारी दर अक्टूबर में आठ दशमलव चार चार (8.44) प्रतिशत बताई जा रही हैं।
एक सर्वे के मुताबिक बढ़ते बेरोजगारी दर को देश की सबसे बड़ी समस्या माना गया हैं।
सर्वे में पाया गया की, पंद्रह से चौतीस वर्ष के छत्तीस प्रतिशत भारतीयों ने माना कि बेरोज़गारी देश के सामने सबसे बड़ी समस्या है।
वही कम से कम चालीस प्रतिशत शिक्षित लोगों जिन्होंने स्नातक या उससे ऊपर तक की पढ़ाई की है वैसे लोगो ने बेरोजगारी को सबसे बड़ी चुनौती के रूप में पहचाना है।







