क्या किसान आंदोलन कमजोर हुआ?

क्या किसान आंदोलन कमजोर हुआ?

किसानों का दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे धरने को अब 6 महीने हो गए।  26 मई को पीएम मोदी द्वारा केंद्र में बनायी गयी बीजेपी सरकार को 7 वर्ष पूरे हुए। किसान संगठनों ने इस सात वर्ष के अवसर पर केंद्र सरकार को 7 सवाल पूछे। 26 मई को बुद्ध पूर्णिमा भी थी। किसान संगठनों ने अपने धरना प्रदर्शन पर बुद्ध पूर्णिमा भी मनायी। लेकिन पीएम मोदी सरकार को काले झंडे भी लगाये। मीडिया में किसान आंदोलन की सुर्खी बनी।

आपको बता दें कि पिछले 6 महीनों से 500 से ज्यादा छोटे बड़े किसान संगठन केंद्र सरकार से मांग करते हुए धरना देकर  बैठे हैं कि तीन विवादित कृषि कानून सरकार रद्द करें लेकिन सरकार उसपर राजी नहीं है। इन तीन कानूनों के खिलाफ वे  6 महीनों के पहले से हैं लेकिन दबाव दिखाई नहीं दिया।

दिल्ली पुलिस द्वारा हुई कील बंदी, सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप के बाद ऐसा लग रहा था कि अब आंदोलन कमजोर हुआ. लेकिन राकेश टिकैत के भावुक होने के बाद कई जगह किसान पंचायतें हुई। जिससे इस आंदोलन ने पुनः शक्ति का संचार हुआ। इसी बीच प. बंगाल, आसाम, तमिलनाडु आदि राज्यों का चुनाव हुआ। मीडिया का ध्यान पूरी तरह उधर रहा। इसी समय देश में कोरोना की दूसरी लहर उमड़ पड़ी। कई राज्यों ने  लॉकडाउन लगा दिया। किसान नेता भी कोरोना महामारी पर बोलते हुए नजर आये।  ठंड, बारिश और धूप  और कोरोना महामारी की दूसरी लहर के  बावजूद भी किसान संगठन के कार्यकर्ता टेंट लगाकर बैठे है।

पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तप्रदेश को छोड़ दिया जाए तो उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि अन्य राज्यों में किसान आंदोलन का दबाव नहीं दिखाई दे रहा है। इसके पीछे कोरोना महामारी और लॉकडाउन यह प्रमुख कारण रहा है। कई जगह खेती का भी काम जोरो पर है इसलिए किसान उसमें भी व्यस्त है।

इन बातों को देखा जाए तो ऊपर ऊपर यह लग सकता है कि किसान आंदोलन कमजोर हुआ है। लेकिन हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के चुनाव सामने है। इन राज्यों के चुनाव में तीन कृषि कानून और कोरोना महामारी प्रबंधन यह चुनाव के मुख्य मुद्दे रहेंगे ऐसा माना जाता है। इन राज्यों के नतीजों  से ही पता चलेगा कि किसान आंदोलन कमजोर हुआ है या नहीं? क्योंकि वर्तमान सरकार का व्यवहार देखते हुए तीन कृषि कानून रद्द कराने की लड़ाई अभी लम्बे समय तक चलेगी। लेकिन यह किसानों पर भी निर्भर है।

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