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हरियाणा में ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) की मांग हुई तेज।
पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर सत्तर हजार कर्मचारीयों ने किया प्रदर्शन।
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बीते रविवार हरियाणा में लगभग सत्तर हजार कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करते हुए पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन के बाद बड़े पैमाने पर लोग भूखहड़ताल पर भी बैठे। उनका कहना है की जबतक हमारी मांगो को लेकर सरकार का रुख साफ नहीं होगा तबतक यह आंदोलन जारी रहेगा।
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बीते रविवार हरियाणा के हजारों कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन किया । प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया।
कर्मचारियों के इस आंदोलन के पीछे सबसे बड़ी वजह एन पी एस यानी न्यू पेंशन स्कीम को बंद करना और ओ पी एस यानी पुरानी पेंशन स्कीम को पुनः लागु करने को लेकर था। अपनी मांगो को लेकर हजारों की संख्या मे कर्मचारी सड़कों पर उतरे और पंचकुला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आवास के पास विरोध-प्रदर्शन किया ।
पेंशन बहाली संघर्ष समिति का दावा है कि, रविवार को हुए प्रदर्शन में सत्तर हजार के करीब कर्मचारी एकत्र हुए थे। समिति के एक् प्रव्क्ता ने कहा कि, ‘राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना बहाल हो चुकी है। यह भाजपा सरकार कर्मचारियों से बात तक नहीं करती है। हम अपना शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखेंगे।
बताते चले की कर्मचारियों की इस शांति पूर्ण प्रदर्शन में पुलिस बल भी भारी मात्रा में तैनात रहे।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वॉटर कैनन से पानी की बौछार भी की।
बताते चले की पुरानी पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन मिलती है। इसके तहत कर्मचारी को अंतिम वेतन की पच्चास प्रतिशत राशि पेंशन के रूप में मिलने का प्रावधान है। लेकिन साल दो हजार तीन में भाजपा की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने ओपीएस को बंद करने का फैसला करते हुए न्यू पेंशन स्कीम यानी एनपीएस की शुरुआत की थी।
जिसके बाद सशस्त्र बालों को छोड़कर एक अप्रैल, दो हजार चार से केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल होने वाले सभी नए कर्मचारियों पर लागू होने वाली यह योजना एक भागीदारी योजना बन गायी, जहां कर्मचारी सरकार के साथ मिल-जुलकर अपने वेतन से पेंशन कोष में योगदान करते हैं। उस समय सरकार ने सिर्फ पश्चिम बंगाल को छोड़ कर सभी राज्यों मे न्यू पेंशन स्कीम लागु की थी।
न्यू पेंशन स्कीम लागु होने के बाद से ही सरकारी कर्मचारियों द्वारा समय समय पर इसका विरोध चलता रहा। और पुरानी पेंशन लागु करने की मांग करते रहे। लेकिन सरकार ने पुरानी पेंशन को लागु करने से साफ इंकार कर दिया है।
नवंबर, दो हजार बाइश में केंद्र सरकार के कर्मचारी यूनियन के एक महासंघ ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग करते हुए कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र में कहा था कि, “नई पेंशन योजना सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बुढ़ापे में आपदा के समान है।” लेकिन उसी साल दिसम्बर में केंद्र सरकार ने बताया था कि इसकी ओपीएस यानी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की कोई योजना नहीं है।
पुरानी पेंशन योजना राजनीतिक पार्टियों के लिए अब एक चुनावी मुद्दा बन गया हैँ। ज्ञात हो की अब तक पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड की सरकारों ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की बात कही है।








