कालजयी हैं महानायक वो,
नवभारत का रचनाकार।
क्रांति का हैं सूत्र ज्योतिबा,
मन के भीतर की अंगार।।धृ.।।
नारीशक्ति का महत्व जाना,
भारत के परिवेश में।
अलख जगाया शिक्षा का,
सर्वप्रथम इस देश में।
उनके आगे भस्म हुआ वो,
सदियों का संस्कार।।१।।
इतिहास दिखाकर नए सिरेसे,
रचा नया इतिहास।
स्वभिमान की ज्योति जलाकर,
दिया नया विश्वास।
गुलाम सारे जाग उठे अब
दे रहे ललकार।।२।।
अखिलेश कुमार MVS (MP)







