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फुले आंबेडकरी आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले मूलनिवासी एल० आर० बाली के निधन पर फुले – आंबेडकरी विचारधारा के कई साथियों ने श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के कई पदाधिकारी उनके अंतिम बिदाई में शामिल हुए। और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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लगभग छह वर्षों तक बाबा साहेब के संपर्क में रहने वाले। साथ ही अंबेडकर वांग्मय को प्रकाशित कराने में अहम भूमिका निभाने वाले मूलनिवासी एल० आर० बाली का बीते छह जुलाई, दो हजार तेईस को निधन हो गया।
अंबेडकरवादी एल० आर० बाली के मृत्यु के बाद फुले आंबेडकरी विचारधारा के कई साथियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अंतिम विदाई में शामिल हुए।
इस मौके पर पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया ( डेमोक्रेटिक) ने भी मू० एल० आर० बाली को श्रद्धांजलि अर्पित किया । साथ ही पीपीआई (डी) के कई पदाधिकारी उनके अंतिम विदाई में शामिल हुए।
पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मू० हेमराज सिंह पटेल और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मू० बी० डी० बोरकर ने दिवंगत बाली के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। साथ ही उनके परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
एल० आर० बाली के अंतिम विदाई में उनके मृतक शरीर को पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के झंडे से लपेटा गया । और पार्टी के उपस्थित सभी सदस्यों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया।
बताते चले की मू० एल० आर० बाली एक प्रखर अंबेकदरवादी थे। साथ ही वे मासिक भीम पत्रिका और जालंधर के संपादक एवं लेखक भी थे। उन्होंने बाबा साहेब के लिखे साहित्य को हिंदी और पंजाबी पाठकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।








