राजधानी देहरादून में टिहरी कलस्टर अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न।

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संविधान और लोकतंत्र का लोक महोत्सव बीएस फोर यानी भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन राष्ट्रव्यापी महाजनजागरण अभियान के तहत उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून में टिहरी क्लस्टर अधिवेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई। जिसमे सैकड़ों की संख्या में मूलनिवासी उपस्थित हुए।

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दिनांक सताइस अगस्त, दो हजार तेईस दिन रविवार को टिहरी क्लस्टर अधिवेशन राजधानी देहरादून के ढ़ाकी गांव सहसपुर के चकराता रोड में स्थित न्यू दून फ़ार्म हाऊस में सफलता पूर्वक सम्पन्न की गई।

इस एक दिवसीय क्लस्टर अधिवेशन का आयोजन बामसेफ और मूलनिवासी संघ के बैनर तले किया गया। जिसमें बामसेफ और बामसेफ के सभी आफशूट विंग्स का साथ और सहयोग रहा।

कार्यक्रम स्थल पर जिला देहरादून तथा आस पास के लगभग बीस से बाइस गांवों से मूलनिवासी बहुजन समाज के सैकड़ों लोग पहुंचे और कार्यक्रम का हिस्सा बने।

इस एक दिवसीय क्लस्टर अधिवेशन की शुरुआत संविधान चेतना रैली से की गई। जिसमें ट्रैक्टर ट्रालियों, बाईकों, छोटा हाथी , मैजिक सवारी गाड़ीयों आदि से बीएस फोर के बैनर लगाकर जय भीम, जय मूलनिवासी,जय संविधान,जय भारत और बीएसफोर – डोर टू डोर, बीएसफोर – सामाजिक लोकतंत्र की ओर के नारे लगाते हुए लगभग लगभग आठ सौ की संख्या में लोग अधिवेशन स्थल पर पहुंचे ।

क्लस्टर अधिवेशन की शुरुआत ‌बीएस फोर के ध्वज का ध्वजारोहण के साथ संगठन के राष्ट्रीय गीत से ‌किया गया। ध्वजारोहण मूलनिवासी संघ के प्रदेश प्रशिक्षण सचिव मूलनिवासी सुधीर कुमार जी, मूलनिवासी संघ जिला इकाई देहरादून के ‌जिला संयोजक मूलनिवासी चन्द्रपाल जी, मूलनिवासी नरेन्द्र कुमार गौतम जी , बामसेफ के राज्य अध्यक्ष मूलनिवासी परमानन्द बेनीवाल जी तथा टिहरी क्लस्टर प्रभारी मूलनिवासी सीताराम जी द्वारा किया गया ‌। जबकि उपस्थित सभी ‌लोगो ने लाईन से खड़े होकर ध्वजारोहण में हिस्सा लिया।

ध्वजारोहण के पश्चात अधिवेशन के उद्घाटन सत्र के शुरुआत के साथ साथ प्रथम सत्र की शुरुआत की गयी जिसका विषय था, “लोकतांत्रिक व्यवस्था में विषमतावादी तानाशाही के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी जनांदोलन – समय की मांग”।

सबसे पहले बामसेफ के प्रदेश अध्यक्ष मूलनिवासी परमानन्द बेनीवाल जी ने मंच पर उपस्थित उदघाटक, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, क्लस्टर प्रभारी और वक्तागणो को भारत के संविधान की उद्देशिका की प्रति देकर सम्मानित किया।

उसके बाद बामसेफ के देहरादून जिला अध्यक्ष मूलनिवासी सतीश कुमार हनुमन्त की ने सभी को संविधान की उद्देशिका की शपथ दिलाई। उस के तुरंत बाद बामसेफ के प्रदेश कोषाध्यक्ष मूलनिवासी मनीष कुमार जी ने संगठन के प्रतिबद्धता एवं समर्पण की शपथ दिलाई।

जिसके बाद सत्र का संचालान कर रहे बामसेफ देहरादून के जिला महासचिव मूलनिवासी जितेन्द्र सिंह बुटोईया जी ने मूलनिवासी परमानन्द बेनीवाल जी को सभी का स्वागत सम्बोधन करने हेतु आमंत्रित किया।

मूलनिवासी परमानन्द बेनीवाल जी ने सभी का स्वागत एवं सम्बोधन करते हुए उन्होंने अपने सम्बोधन में बताया कि, हम बामसेफ और मूलनिवासी संघ जैसे संगठन के लोग “लोकतंत्र और संविधान का लोक महोत्सव” बीएस फोर यानी भारतीय संविधान,सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन राष्ट्रव्यापी महा- जनजागरण अभियान के अन्तर्गत क्यों मना रहे? और ये क्लस्टर अधिवेशन लगाने का संगठन का क्या उद्देश्य है?

उन्होंने बताया कि, दो हजार अठारह से बामसेफ संगठन पूरे भारत देश में बीएस फोर अभियान चला रहा है ।इस अभियान के माध्यम से संगठन ने पूरे देश में पचास हजार संविधान प्रबोधक और पंद्रह हजार पी एस ए यानी पीपल्स सोशल एक्शन कमेटियों का गठन किया है और पूरे देश में संविधान के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

उन्होंने कहा की, आज ही के दिन पूरे देश में एक सौ पचास क्लस्टर अधिवेशन इसी तरह से बामसेफ संगठन और बामसेफ के सभी आंफशूट विंग्स के माध्यम से मनायें जा रहे हैं और विस्तार से बीएस फोर और क्लस्टर अधिवेशन के विषय में बताया जा रहा हैं।

इसके बाद उद्घाटक के रुप में उपस्थित सामाजिक चिंतक एवं पूर्व सांसद मूलनिवासी राजकुमार सैनी जी ने अपना वक्तव्य रखा । जिसमें उन्होंने बामसेफ और बामसेफ संगठन के सभी आंफशूट विंग्स का धन्यवाद किया कि वे भारत के संविधान के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

उन्होंने उपस्थित मूलनिवासी लोगों को अंधविश्वास और पाखंडवाद से दूर रहने की अपील की और संविधान वाद- मानववाद – वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने, भारत के संविधान को अपने जीवन में उतार कर भारत के संविधान का सम्मान, सुरक्षा और संवर्धन कर बीएस फोर महाजनजागरण अभियान से जुड़ेने का अनुरोध किया।

सत्र‌ को आगे बढ़ाते हुए संचालक महोदय ने टिहरी क्लस्टर प्रभारी व बामसेफ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य मूलनिवासी सीताराम जी को सत्र के विषय “लोकतांत्रिक व्यवस्था में विषमतावादी तानाशाही के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी जनांदोलन समय की मांग” की प्रस्तावना रखने हेतु आमंत्रित किया।

विषय की प्रस्तावना रखते हुए मूलनिवासी सीताराम जी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और भारत के संविधान की उपलब्धियां बताते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान विरोधी ताकतों से कैसे सावधान रहे? इस पर बात की।

साथ ही उन्होंने बताया की कैसे बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के द्वारा दिए गए दुनिया के सबसे बेहतरीन और बड़े लोकतंत्र और संविधान को बचाएं रखना है? और संगठन और बीएस फोर अभियान से जूड़ कर ताकत का निर्माण कर मूलनिवासी बहुजन समाज की सभी समस्याओं का समाधान करना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर एवं सामाजिक चिंतक मूलनिवासी डा० राजेश पाल जी, विशिष्ट अतिथि के रूप में ओखला औधोगिक विकास प्राधिकरण, नोएडा के निजी सचिव मूलनिवासी कुलदीप सिंह बम्पाल जी उपस्थित रहे। वही कार्यक्रम की अध्यक्षता बामसेफ के राष्ट्रीय संगठन सचिव मूलनिवासी सुरेश द्रविड़ जी ने किया।

जबकि वक्तागणो में सामाजिक चिंतक मूलनिवासी शकील अख्तर जी, संविधान प्रबोधक एवं सामाजिक चिंतक मूलनिवासी संजय सिंह व सामाजिक चिंतक मूलनिवासी सरला देवी जी उपस्थित रही।

सभी ने बामसेफ और मूलनिवासी संघ के साथ साथ बामसेफ संगठन के सभी आंफशूट विंग्स की इस मूहिम की प्रशंसा की तथा इस बीएस फोर महाजनजागरण अभियान से जुड़ कर तन मन धन से साथ सहयोग करने का आश्वासन दिया।

अधिवेशन में उपस्थित सभी वक्ताओं ने मूलनिवासी बहुजन समाज के लोगों से लोकतंत्र और संविधान बनाएं रख समता, स्वतंत्रता , बंधूता , न्याय, मानवीय मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और लोक कल्याणकारी देश बनाने में सहयोग की अपील की।

सत्र की अध्यक्षता कर रहे माननीय सुरेश द्रविड़ जी ने अपने अध्यक्षीय प्रबोधन में लोकतंत्र और भारत के संविधान के विरोधियों की षड्यंत्रकारी नीतियों का‌ पर्दाफाश किया और मूलनिवासी बहुजन समाज से फूले अम्बेडकरी विचारधारा, संविधानवाद, और मूलनिवासी पहचान अपना‌कर संवैधानिक तरीके से षड्यंत्रकारी, संविधान विरोधी और लोकतंत्र विरोधी ताकतों को उनकी तानाशाही नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की। साथ ही मूलनिवासी बहुजन समाज के सभी संगठनों को संगठित रह कर काम करने का आह्वान किया।

भोजनवकाश के बाद अधिवेशन के दूसरे सत्र की शुरुआत की गई
जिसका विषय था, “भारत का संविधान और लोकतंत्र के लाभार्थियों का कर्तव्य उदघोष” जो कि प्रतिनिधियों का खूला सत्र रहा।

इस सत्र का संचालन माननीय बामसेफ के उत्तराखंड राज्य मीडिया प्रभारी व देहरादून जिला प्रभारी मूलनिवासी कुलदीप कटारिया जी द्वारा किया गया। जबकि इस सत्र की अध्यक्षता सामाजिक चिंतक, बहुजन साहित्यकार व डीके खापर्डे मैमोरियल ट्रस्ट रिंगनाबोडी,‌ नागपुर के ट्रस्टी मूलनिवासी दयाराम जी द्वारा किया गया ।

दूसरे सत्र की शुरुआत करते हुए संचालक महोदय मूलनिवासी कुलदीप कटारिया जी ने स्वागत सम्बोधन हेतु मूलनिवासी संघ के प्रदेश प्रशिक्षण सचिव मूलनिवासी सुधीर कुमार जी को आमंत्रित किया। जिन्होंने इस सत्र में आयें विभिन्न क्षेत्रों / विभिन्न विभागों के मूलनिवासी बहुजन समाज के सामाजिक संगठनों का स्वागत किया।

उन्होंने संविधान और लोकतंत्र के लाभार्थियों को बताया की उनका कर्तव्य क्या होना चाहिए ? किस प्रकार हम संगठित होकर भारत के संविधान का सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति लोगों को जागरूक कर अपने कर्तव्यों का उदघोष करे? और अपने मूलनिवासी महापुरुषों के मिशन आन्दोलन और विचारधारा को आगे बढ़ाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

इस सत्र की प्रस्तावना बामसेफ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य मूलनिवासी संजय कुमार जी द्वारा की गई। प्रस्तावना रखते हुए संजय कुमार जी ने बताया कि, मूलनिवासी बहुजन में जन्मे सभी महापुरुषों ने लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को स्थापित करने के लिए कई त्याग और बलिदान किया। जिसके परिणाम स्वरूप हमें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान “, भारत का संविधान” प्राप्त हुआ। और सभी प्रकार के संवैधानिक अधिकार प्राप्त हुएं ।

इसलिए इस मूलनिवासी बहुजन समाज के लाभार्थियों का कर्तव्य है की, वो भारत के संविधान के सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन करने के लिए सामाजिक कर्तव्य निभाते हुए अपने आने वाले भविष्य का और अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य निर्माण करें।

दूसरे सत्र में मूलनिवासी सभ्यता संघ के प्रदेश महासचिव मूलनिवासी धर्मेंद्र कुमार जी, मूलनिवासी संघ के जिला संयोजक मूलनिवासी चन्द्रपाल सिंह जी, मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य मूलनिवासी डा० परम कीर्ति राव जी तथा विभिन्न विभागों से आयें एससी-एसटी-ओबीसी एसोसिएशन विद्युत विभाग , ओएफडी,ओएलएफ, ओएनजीसी, टीचर्स एसोसिएशन, पेयजल निगम, आदि तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों जैसे – दून बुद्धिष्ट सोसायटी, सन्त रविदास सभा देहरादून, अखिल भारतीय अम्बेडकर सभा उत्तराखंड, अखिल भारतीय अम्बेडकर युवा संघ उत्तराखंड भीम आर्मी देहरादून, बाल्मिकी महासभा उत्तराखंड आदि के प्रतिनिधियों ने अपनी अपनी बात रखी।

सभी ने बामसेफ, मूलनिवासी संघ तथा बामसेफ के आंफ शूट विंग्स का साथ और सहयोग देने का आश्वासन दिया तथा बामसेफ के बीएस फोर महाजनजागरण अभियान की तारीफ की ।

दूसरे सत्र के अन्त में सत्र की अध्यक्षता कर रहे माननीय दयाराम जी ने अपने अध्यक्षीय प्रबोधन में फूले-अम्बेडकरी विचारधारा, मूलनिवासी पहचान और संविधानवाद को अपना कर इस देश में फैली विषमतावादी व्यवस्था को खत्म करने का आह्वान किया तथा मूलनिवासी बहुजन समाज में जन्मे अपने महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने की अपील की।

उन्होंने मूलनिवासी महापुरुषों के त्याग बलिदान योगदान की याद दिलाते हुए समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा क्या योगदान होना चाहिए? इस को विस्तार से बताया।

साथ ही बामसेफ संगठन किस प्रकार समाज जीवन के हर क्षेत्र में मूलनिवासी बहुजन समाज के उद्दधार, उत्थान और जागरूकता हेतु कार्य कर रहा है? इसका भी वर्णन किया। और कैसे हम विषमतावादी, तानाशाही व्यवस्था को संविधान और लोकतंत्र के विरोधियों के गुरुर को ध्वस्त कर सकते हैं ?उसकी‌ जानकारी भी लोगों को दी।

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