ऑक्सीजन और अस्पतालों की सुविधा कमी से मौतों के आंकड़े केंद्र के पास नहीं?

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केंद्र में सत्तासीन बीजेपी के पास है देश के 18 राज्य
केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र ही देखता है कामकाज

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कोविड महामारी की दूसरी लहर में “देश में ऑक्सीजन और हॉस्पिटल सुविधा की कमी के वजह से कितने रोगियों की मौत हुई” इस पर केंद्र सरकार के पास कोई जानकारी उपलब्ध है। जिसको लेकर आज समाचार पत्रों की वेबसाइट पर बहुत कुछ लिखा गया है। मीडिया में इसको लेकर पक्ष और विपक्ष में बहस छिड़ गयी है।

यह बात अखबारों में भर-भर का छपी की हजारों की संख्या में मरीज इस वक्त ऑक्सीजन और अस्पतालों की सुविधा की कमी के कारण मृत्यु हो गए। लेकिन सरकार ने इस सवाल के जवाब की जिम्मेदारी राज्यों पर सौंप पर अपना पल्ला झाड़ दिया है।

राज्य सभा में 20 जुलाई को पूछे गए तारांकित प्रश्न को नरेंद्र मोदी सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री की और से लिखित जवाब दिया गया। जिसमें यह कहा गया कि “देश में ऑक्सीजन की कमी और अस्पताल की सुविधा की कमी के कारण रोगियों के मरने की ऐसी कोई रिपोर्ट राज्य तथा संघ राज्य क्षेत्र की ओर से इस मंत्रालय को प्राप्त नहीं हुई है।”

प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्र सरकार के मंत्री सरकार ने कहा कि यद्यपि स्वास्थ्य यह राज्य का विषय है फिर भी भारत सरकार ने राज्यों को सहायता की और अनेक कदम उठाएं हैं।

ऑक्सीजन और अस्पताल की कमी से हुए मौतों की जानकारी को लेकर केंद्र सरकार के इस जवाब को लेकर चारों तरफ से आलोचना हो रही है।

आपको बता दें कि भारत के एक दर्जन (12) राज्यों में बीजेपी की द्वारा स्थापित सरकार है और छह (6) राज्यों में बीजेपी गठबंधन के साथ सरकार में हैं। दूसरी ओर 8 केंद्रशासित प्रदेश है जिसमें सीधे केंद्र सरकार ध्यान देती है। देश के 28 राज्यों में से 18 राज्य बीजेपी के पास है।

ऐसे में केंद्र सरकार का यह कहना कि ऑक्सीजन और अस्पतालों की सुविधा की कमी से हुए मौतों पर राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों से उनके पास कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं है यह अपने आप में गंभीर सवाल है।

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