उत्तराखंड हरिद्वार में गांव गांव में युवाओं के साथ संपर्क।

राष्ट्रपिता ज्योतिबा फूले और राष्ट्रनिर्माता बाबासाहेब आंबेडकर के विचारधारा और आंदोलन को गांव गांव तक फैलाने का युवाओं ने किया निश्चय।

उत्तरखंड राज्य में गांव-गांव के युवाओं के साथ संवाद-संपर्क प्रस्थापित करने के लिए 28 नवम्वर से 6 दिसम्बर तक एक विशेष अभियान चलाया गया.

राष्ट्रपिता जोतिबा फूले इनका परिनिर्वाण 28 नवम्बर एवं 6 दिसम्बर डॉ बाबासाहेब आंबेडकर इनके परिनिर्वाण की स्मृति में यह अभियान आयोजित किया गया था.

हरिद्वार जिला में मूलनिवासी संघ और मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के स्थानीय यूनिट ने यह अभियान चलाया।

28 नवम्बर से 6 दिसम्बर तक “निश्चय और प्रतिबद्धता” कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

हरिद्वार जिले के अलग अलग गावों में यह संवाद संपर्क अभियान चलाया गया. विभिन्न गावों में सम्पर्क करते हुए भरतपुर, सालियर, हल्लू माजरा, छांगा, मजरी ,खानपुर,रोहाल्की, सरठेडी ,कुंजा बहादुरपुर, बेहडेकी, धर्मपुर,अब्दुलपुर फाजिलपुर, पनियाला,रहीमपुर, पाडली गुज्जर , ताशीपुर ,हथियाथल इन गावों में कार्यक्रम किये गए।

विभिन्न गावों में हुए इन कार्यक्रमों को कार्यकर्ताओं ने सम्बोधित किया। अपने विचार रखें और युवाओं के साथ चर्चा की।

मूलनिवासी संघ केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य आशा टम्टा मैडम ने कहा “आजादी के 70 वर्ष बाद आज भी महिलाओं के साथ बराबरी का व्यवहार नहीं किया जाता। समाज में महिलाएं रूढ़िवादी परंपराओं से घिरी हुई हैं।”

मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी ललित कुमार ने कहा “आज पूरे देश में राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले और राष्ट्र निर्माता बाबा साहब अंबेडकर विनम्र आदरांजली अर्पित करते हुए हमें उनके आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए। इसीलिए मूलनिवासी संघ और मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र के गांव-गावं जाकर युवाओं में जागृति और संगठन भाव निर्माण करना है।”

हरिद्वार जिले के जिला अध्यक्ष सतीश यादव ने अपने विचार रखते हुए कहा “ब्राह्मणवादी और मनुवादी सरकारें मूलनिवासी समाज के युवाओं को किसानों और मजदूरों को परेशान कर रहे हैं। मूलनिवासी संघ और मूलनिवासी विद्यार्थी संघ सभी किसान भाइयों के साथ खड़ा है।”

मूलनिवासी संघ के राज्य महासचिव अनुज गौतम ने अपनी बात रखते हुए कहा “राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले और राष्ट्र निर्माता बाबा साहब अंबेडकर दोनों ने महिला शिक्षा पर बहुत ज्यादा जोर दिया। वे महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाना चाहते थे।”

पीपीआईडी के संजय बृजवाल ने कहा कि “देश के गरीबों को किसानों को मजदूरों को विद्यार्थियों को एक साथ आकर लड़ाई लड़नी होगी। वह लड़ाई हम तब लड़ सकते हैं जब हम लोगों की पहचान एक होगी और हम लोगों का आंदोलन एक होगा। अगर हम सभी लोग मूलनिवासी पहचान के तहत इकट्ठा होते हैं तो हम अपने अधिकारों की सुरक्षा कर सकते हैं।”

इस अभियान को यशस्वी बनाने में कई कार्यकर्ताओं ने परिश्रम उठाये। मूलनिवासी संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आशा टम्टा मैडम, मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी ललित कुमार, बामसेफ के वरिष्ठ कार्यकर्ता महेंद्र सिंह, पीपीआईडी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजय बृजवाल, अनुज गौतम, राज्य महासचिव, मूलनिवासी संघ, सतीश यादव, हरिद्वार जिला अध्यक्ष, मूलनिवासी संघ, अजय जी, हरिद्वार जिला अध्यक्ष, पीपीआईडी, गोविन्द कुमार, हरिद्वार मीडिया प्रभारी, मूलनिवासी संघ, सुधीर कुमार, अंकुर कुमार, पीपीआईडी हरिद्वार कार्यालय सचिव, राजा गौतम, मीडिया प्रभारी मूलनिवासी संघ उत्तराखंड इन्होने पुरे अभियान का नेतृत्व किया।

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