फुले-शाहू-आंबेडकर और पेरीयार की विचारधारा मूलनिवासी बहुजन जनता तक पहूंचाने वाले संगठन बामसेफ के अधिवेशन देश के हर राज्य में हो रहें हैं। इसी कडी में राजस्थान का छठां बामसेफ राज्य स्तरीय सम्मेलन दि 11 अक्टूबर को संपन्न हुआ। यह अधिवेशन डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी झालाना डुंगरी, जयपूर में आयोजित में किया गया था। इस अधिवेशन में सामाजिक समावेश और संवैधानिक भागीदारी इस विषय पर डॅा. सी॰बी॰ यादव, डॉक्टर आशुतोष, कमलेश मीना और राजस्थान बामसेफ़ के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण बौध इन्होंने अपने विचार प्रस्तुत किए।
बामसेफ़ 1978 से मूलनिवासी बहुजन समाज के सामाजिक मुद्दों को उठाता आ रहा है। संगठन के माध्यम से मूलनिवासी समाज के विभिन्न पहलुओं पर विचार -विमर्श और चर्चा की जाती है। यह संगठन समाज में गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र के शोषित, निराश, वंचित, हाशिए और गरीब लोगों के लिए शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के स्पष्ट एजेंडे के साथ एक गैर राजनीतिक संगठन के रूप में काम कर रहा है।
BAMCEF लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सभी लोकतांत्रिक प्रणालियों में उन्हें सशक्त बनाने के लिए संवैधानिक स्वतंत्रता, अधिकारों और राष्ट्र के मूलनिवासी लोगों की भागीदारी चाहता है।







