कोरोना से निपटने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने पीएम केयर फंड के माध्यम से मदद राशि जमा की। जो पहले से ही विवादों के घेरे में है। लेकिन अब फिर से सुर्ख़ियों में आयी है। दरअसल केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन से पैसा काटकर इस फंड में 157 करोड़ रूपये जमा कराए। जिससे अब मोदी सरकार पर कर्मचारी नाराज़ हो सकते हैं। यह आंकडा केंद्र सरकार के 50 विभागों का है।
कुछ मिडिया रिपोर्ट के मूताबिक इस राशि में 146.72 करोड रुपये अकेले रेल्वे ने दान किए है। केंद्र के कर्मचारियों ने दान किये कुल 157.23 करोड़ रुपये के अनुदान का यह 93 फीसदी से भी अधिक है।
रेल्वे के बाद दुसरे नंबर पर अंतरिक्ष विभाग है। इस विभाग के कर्मचारियों के वेतन से पीएम केयर्स फंड में 5.18 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। विभाग ने बताया कि कर्मचारियों ने अपने स्तर पर ये राशि दान की है।
हालकी कई प्रमुख विभाग जैसे की प्रधान मंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और डाक विभाग के कर्मचारीयों ने आरटीआई के प्रश्नों के जवाब नही दिए।
बता दे की पीएम केयर्स फंड कोरोना महामारी से लडने के लिए जनता द्वारा आर्थिक मदत प्राप्त करने के लिए बनाया गया था। लेकिन तभी से यह फंड अपने कामकाज में अत्यधिक गोपनीयनता बरतने को लेकर आलोचनाओं को घेरे में है।
यह फंड आरटीआई एक्ट 2005 के तहत पब्लिक अथॉरिटी’ नहीं है, क्योंकी इसका गठन केंद्र सरकार या किसी सरकारी आदेश के जारिये नही हुआ है। इस आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय पीएम केयर्स से जुड़ी कोई भी जानकारी को आरटीआई एक्ट के तहत सार्वजनिक करने से इनकार कर रही है।








