बिहार विधानसभा चुनाव में राजनैतिक पार्टियाँ पूरी ताक़त के साथ मैदान में उतरी है। उनका प्रचार कार्य चरम पर है। बड़ी-बड़ी पार्टियाँ जहां पानी की तरह पैसा बहा कर मतदाताओं को आकर्षित कर रही हैं, वहीं दूसरी और पीपल्स पार्टी ऑफ़ इंडिया डेमोक्रेटीक जमीन स्तर पर उतर कर समाज के निचले तबके तक पहूंचने का प्रयास कर रही है। वनाही विधानसभा क्षेत्र के पीपीआईडी के उमेदवार शिव शंकर कुमार जब अपने प्रचार के लिए मैदान में उतरे, तो इतर राजनेताओं से हट कर उन्होंने दिव्यांग लोगों की समस्याएँ सुनी।
शिव शंकर कुमार १३ अक्तूबर को अपने प्रचार के लिए निकले थे। तब वे सीधे दिव्यांग लोगों से मिलने पहुँचे। इन लोगों ने भी शिव शंकर कुमार को अपनी समस्याएँ बतायी।
सरकार का इन असहाय लोगों पर क़तई ध्यान नहीं है। आज तक सरकार ने उन्हें रेशन कार्ड मुहय्या नहीं कराया। सरकार उन्हें महज़ ४०० रुपए पेन्शन दे रही है। लेकिन वह भी उन्हें कई महीनों के बाद मिलती है। उनके पास जीवन यापन का कोई साधन नहीं। इतना नही उनके पास कही आने-जाने के लिए रिक्शा तक नहीं। रोज़गार की तो बात दूर ही रही।
लोगों ने बताया कि संविधान में दिव्यांगों के लिए बहुत सी योजनाओं की व्यवस्था की है। लेकिन नीतीश सरकार की नियत उन्हें लागू करने की नहीं है। सरकार का यह रवय्या देखते हुए दिव्यांग समुदाय ने इस चुनाव में मतदान न करने का इरादा बनाया है।
लेकिन PPID के उमेदवार शिव शंकर कुमार ने उनकी समस्याएँ सुनी ही नहीं अपितु उनका दर्द भी महसूस किया। उन्होंने कहा कि किसी भी क़ीमत पर आप मतदान देने का हक़ ना छोड़े। आप उस हक़ का पूर्ण इस्तेमाल करें।
उन्होंने विश्वास दिलाया की अगर वे चुनव जीतते हैं तो हर शारीरिक विशेष को ५००० रुपए प्रति महीना पेन्शन मिलेगी। साथ ही उन्हें ई-रिक्शा दी जाएगी। रोज़गार भी मुहय्या कराए जाएँगे। कुमार ने कहा कि उनके चुनाव निशान मेज़ के आगे वाला बटन दबा कर उन्हें सेवा करने का मौक़ा दे।






