कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और लोगों में जागृति इन दो सूत्रों से पीपीआईडी का जनसमर्थन बढ़ाने पर जोर।
पीपीआईडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के प्रख्यात अधिवक्ता डॉ के एस चौहान बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों का प्रचार करने के लिए पिछले एक महीने से बिहार में हैं।
कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार के बारे में प्रशिक्षित करना और स्वयं प्रत्याशी के प्रचार के लिए गांव-गांव जाकर लोगों के साथ मीटिंगे करना यह उनके रोज के कार्य का तरीका है।
कटिहार जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में वे लगातार जनसम्पर्क कर रहे हैं। कटिहार के बरारी, मनिहारी विधानसभा के गावों में जनसम्पर्क मीटिंगे लेकर लोगों को पार्टी की भूमिका के बारे में समझा रहे हैं। उनकी मीटिंगे गांवों में, लोगों के घर के आँगन में , किसी के ट्यूशन क्लास में होती है।
पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) द्वारा 67 – मनिहारी से अरुण उराँव और 68 – बरारी से शैलेश कुमार सिंह (निषाध) प्रत्याशी है। दोनों को चुनाव आयोग ने टेबल छाप चुनाव चिन्ह दिया है।
डॉ के एस चौहान का कहना है की संविधान पर अमल करना यह पार्टियों की एकमात्र प्रमुख जिम्मेदारी है। संविधान में जन्म लेनेवाले बच्चे से लेकर, महिला, किसान, मजदुर, युवा, कर्मचारी सबके बारे में लिखा है। लेकिन लोगों को इसके बारे में जागृति नहीं है। इसलिए इस देश में जातिवाद, परिवारवाद और तानाशाही हावी है। लोगों की सभी समस्याओं का कारण संविधान पर नाअमल है।










