दुनिया में सबसे मज़बूत लोकतंत्र कहे जाने वाले भारत में लोकतंत्र कमजोर पड़ रहा है। स्वीडन स्थित ‘वी-डेम इंस्टीट्यूट’ ने अपनी एक रिपोर्ट में यह संकेत दिए है। केवल भारत ही नहीं दुनिया के कई देश इस रिपोर्ट में शामिल है।
इस रिपोर्ट में भारत की मीडिया की कम होती आज़ादी पर काफ़ी ज़ोर दिया है। इतना ही नहीं रिपोर्ट में ‘उदार लोकतंत्र सूचकांक’ में भारत को 179 देशों में 90 वा स्थान मिला है। तो डेनमार्क इस सूंची पहले स्थान पर है।
इस रिपोर्ट में भारत पर अलग से कोई राय नहीं दी है, लेकिन इसमें कहा गया है कि मीडिया, सिविल सोसाइटी और मोदी सरकार में विपक्ष के विरोध की जगह कम होती जा रही है। जिसके कारण लोकतंत्र के रूप में भारत अपना स्थान खोने की क़गार पर है।
इंस्टीट्यूट ने दावा किया है कि उनकी रिपोर्ट बाक़ी रिपोर्टों से अलग है। क्योंकि ये जटिल डेटा पर आधारित है। इस रिपोर्ट में डेटा, डेटा एनालिटिक्स, ग्राफ़िक्स, चार्ट और मैप का भरपूर इस्तेमाल किया गया है।
डेटा पर आधारित वी-डेम की रिपोर्ट काफ़ी हद तक लोकतंत्र में निरंतर गिरावट, ख़ासकर भारत में उदारवाद के लगातार कम होने के संकेत की पुष्टि करती है। ये बोलने की आज़ादी, मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने और विरोधी आवाज़ों को दबाने के प्रति सरकार की असहनशीलता में नज़र आती है। ऐसा ऑब्ज़र्वर रिसर्च फ़ाउंडेशन में लोकतंत्र के विशेषज्ञ निरंजन साहू ने वी-डेम की रिपोर्ट पर कहा।







