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विश्वविद्यालयों में धार्मिक अनुष्ठान कराना कितना सही?
देश के शीर्ष बेहतरीन यूनिवर्सिटीज में भारत का स्थान?
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आज हम बात देश के विश्वविद्यालयों की करेंगे जो अपने उद्देश्य से कोषों दूर जा चुकी हैं। पिछले कुछ वर्षों से भारत के विश्वविद्यालयों में ऐसे आयोजन बढ़ते जा रहे हैं जिसमे किसी नए केंद्रीय विश्वविद्यालय में मंदिर बना दिया जाता है तो कहीं गौशाला! ऐसे में ये अपनी उद्देश्य और गुणवत्ता दोनों को खो रहे है? आज विश्व की टॉप यूनिवर्सिटीज की सूची देखें तो भारत दूर दूर तक कही नज़र नहीं आता हैं।
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आज लगभग भारत के तमाम विश्वविद्यालय मनुवादी मानसिकता के शिकार हैं क्योंकि इसके उच्च पदों पर बैठे अधिकतर मनुवादी मानसिकता वाले अधिकारी हैं। आज भारत के केंद्रीय विश्वविद्यालयो में ऐसे अनेकों आयोजन कराए जा रहे हैं जो इसके उद्देश्य और काम से कोषों दूर हैं।
हाल ही में महाराष्ट्र में स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में गो-बारस पर्व पर बछड़े एव गाय की पूजा का आयोजन किया गया। बीते इक्कीस अक्टूबर, दो हजार बाईस को विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में संचालित हो रही गोशाला में ‘गो-बारस’ के पर्व में इसका आयोजन किया गया।
लेकिन क्या एक केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इस तरह के आयोजन सही हैं ? अगर हैं तो फिर सिर्फ हिंदुओ के त्योहारों में ही ऐसे आयोजन क्यों ? इसके साथ-साथ मुश्लिमो, सिखों, ईसाईयों या फिर बौद्ध धर्म से जुड़े कोई आयोजन क्यों नहीं?
मालूम हो कि, भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस लंबे समय से ‘गाय’ की राजनीति करते आ रहे हैं। गौ तस्करी के संदेह मात्र से उनपर अनेकों लोगो की हत्या का आरोप भी लगा हैं। लेकिन सच तो यह है कि, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के ऊपर गाय के प्रति आस्था से अधिक भारत की वर्तमान केंद्रीय सरकार और उसके सहयोगी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा का प्रभाव है।
आज भारत के विश्विद्यालय अपने पतन की ओर हैं। विश्व की टॉप यूनिवर्सिटीज में भारत दूर-दूर तक नज़र नहीं आता हैं। क्यूएस रैंकिंग दो हजार बीस के अनुसार दुनिया की टॉप टेन यूनिवर्सिटीज की सूची में अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों का कब्जा हैं।
इस सूची में सबसे पहला नाम इंग्लैंड के मैसेच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का हैं। जिसकी स्थापना सन अठारह सौ इकसठ में हुई थी। अमेरिका की स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी इस सूची में दूसरे स्थान पर है। जिसकी स्थापना अठारह सौ पचासी में हुई थी।
इस सूची में तीसरे स्थान पर अमेरिका के हॉवर्ड यूनिवर्सिटी का नाम आता हैं। इस यूनिवर्सिटी से पढ़कर निकलने वाले आठ विद्यार्थी अब तक अमेरिका के राष्ट्रपति बन चुके हैं। इस यूनिवर्सिटी की स्थापना सन सौलह सौ छतीस में हुई थी। चौथे स्थान पर नाम आता हैं इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की जिसकी स्थापना पनद्रह सौ छियासी में हुई थी।
क्यूएस रैंकिंग में पांचवे स्थान पर नाम आता है कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का जो अमेरिका में स्थित हैं। जिसकी स्थापना सन अठारह सौ इक्कियांवे में हुई थी। छठे स्थान पर नाम आता हैं, स्विट्जरलैंड में स्थित स्विस फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का। जिसकी स्थापन सन अठारह सौ चौवन में हुई थीं।
इस सूची में सांतवे स्थान पर मौजूद हैं कैंब्रिज यूनिवर्सिटी । इस विश्वविद्यालय ने कई नोबेल विजेता और ब्रिटेन में कई प्रधानमंत्री दिए हैं। आंठवे स्थान पर यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन है जिसकी स्थापन सन अठारह सौ छबीस में हुई थीं।
क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में नौवें स्थान पर इंपीरियल कॉलेज लंदन है, जिसकी स्थापना अठारह सौ इक्कीयावन में की गई थी। जबकि दशवे नम्बर पर यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो स्थित है। जिसकी स्थापना सन अठारह सौ छप्पन में की गई थी।







