सिख धर्म के बारे में क्या आपको यह पता है?

  1. विश्व का 5 वां सबसे बड़ा धर्म है।
  2. विश्व का तीसरा बड़ा धर्म है जो एकेश्वरवाद में विश्वास रखता है।
  3. सिख धर्म जीवन के सभी क्षेत्र में स्त्री पुरुष समानता को महत्व देता है।
  4. “सिख” का सीधा अर्थ “शिक्षा” से अर्थात “सीखने” से है।
  5. कोई भी व्यक्ति सिख धर्म का स्वीकार और अनुपालन कर सकता/ सकती हैं। कानूनन उन्हें कोई रोक नहीं सकता है।
  6. सिख धर्म का विचार लोककल्याण एवं लोकसेवा हैं।
  7. सिख धर्म का अपना “स्वतंत्र धर्म ग्रन्थ” है, उसे “गुरूग्रंथ साहिब जी” कहते हैं।
  8. ‘गुरु ग्रन्थ साहिब जी’ यह ‘गुरुमुखी’ इस लिपी में लिखा गया है।
  9. गुरु ग्रन्थ साहिब की भाषा को ‘गुरु-वाणि’ तथा ‘सन्त भाषा’ भी कहते हैं।
  10. जिसमें बहुत सी लोक भाषाओं, बोलियों और उपबोलियों में “शब्द” लिखे हुए हैं।
  11. सिख धर्म विचार में “एक” यह न केवल विचार है बल्कि अपने आप में तत्वज्ञान और सिद्धांत है।
  12. गुरु नानक देव जी का कहना था हर एक व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत गुणों को बढ़ाना चाहिए, किसी के जनेऊ पहनने से यह नहीं होता।
  13. गुरु नानक देव जी का जोर आंतरिक बदलाव पर हैं, उन्हें बाहरी दिखावा बिल्कुल पसंद नहीं हैं।
  14. गुरु नानक देव जी का कहना था की एक ही पातशाह है और जिसके साथ जुड़ने के लिए किसी मौलवी या पुजारी की आवश्यकता नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here