- विश्व का 5 वां सबसे बड़ा धर्म है।
- विश्व का तीसरा बड़ा धर्म है जो एकेश्वरवाद में विश्वास रखता है।
- सिख धर्म जीवन के सभी क्षेत्र में स्त्री पुरुष समानता को महत्व देता है।
- “सिख” का सीधा अर्थ “शिक्षा” से अर्थात “सीखने” से है।
- कोई भी व्यक्ति सिख धर्म का स्वीकार और अनुपालन कर सकता/ सकती हैं। कानूनन उन्हें कोई रोक नहीं सकता है।
- सिख धर्म का विचार लोककल्याण एवं लोकसेवा हैं।
- सिख धर्म का अपना “स्वतंत्र धर्म ग्रन्थ” है, उसे “गुरूग्रंथ साहिब जी” कहते हैं।
- ‘गुरु ग्रन्थ साहिब जी’ यह ‘गुरुमुखी’ इस लिपी में लिखा गया है।
- गुरु ग्रन्थ साहिब की भाषा को ‘गुरु-वाणि’ तथा ‘सन्त भाषा’ भी कहते हैं।
- जिसमें बहुत सी लोक भाषाओं, बोलियों और उपबोलियों में “शब्द” लिखे हुए हैं।
- सिख धर्म विचार में “एक” यह न केवल विचार है बल्कि अपने आप में तत्वज्ञान और सिद्धांत है।
- गुरु नानक देव जी का कहना था हर एक व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत गुणों को बढ़ाना चाहिए, किसी के जनेऊ पहनने से यह नहीं होता।
- गुरु नानक देव जी का जोर आंतरिक बदलाव पर हैं, उन्हें बाहरी दिखावा बिल्कुल पसंद नहीं हैं।
- गुरु नानक देव जी का कहना था की एक ही पातशाह है और जिसके साथ जुड़ने के लिए किसी मौलवी या पुजारी की आवश्यकता नहीं है।
Home न्यूज़







