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बीते तेईस जुलाई, दो हजार तेईस को उत्तर प्रदेश के पूर्वी प्रयागराज में बामसेफ का एक दिवसीय कैडर कैंप सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। जिसमे सैकड़ों की संख्या में मूलनिवासियों ने हिस्सा लिया। जिन्हे बामसेफ के राष्ट्रीय महासचिव मूलनिवासी डॉक्टर प्रोफेसर संजय इंगोले ने संबोधित किया।
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उत्तर प्रदेश के पूर्वी प्रयागराज में बीते तेईस जुलाई, दो हजार तेईस दिन रविवार को बामसेफ का एक दिवसीय कैडर कैंप का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में बामसेफ और इसके ऑफ शूट विंग्स के कई कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों मूलनिवासियों से सहभाग किया। जिन्हे संबोधित करने का काम बामसेफ के राष्ट्रीय महासचिव मूलनिवासी डॉक्टर प्रोफेसर संजय इंगोले ने किया।
लोगो को संबोधित करते हुए मूलनिवासी डॉक्टर प्रोफेसर संजय इंगोले जी ने बड़ी ही सरलता से महापुरुषों की विचारधारा, संगठन का उद्देश्य, संगठन की संरचना और संगठन के कार्यक्रम को स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा की, मूलनिवासी समाज के अधिकतर संगठन इसलिए मर जाते हैं क्योंकि वह संस्थागत लोकतांत्रिक नहीं होते। इसीलिए बामसेफ को राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले तथा बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर की मंशा के अनुसार, संस्थागत लोकतांत्रिक बनाया गया है।
उन्होंने लोकतांत्रिक संगठन पर जोर देने हुए कहा की, संस्थागत लोकतांत्रिक संगठन में निरंतर प्रशिक्षण की व्यवस्था होती है, तथा सारे निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा की, सामूहिक रूप से लिए गए निर्णय के कारण पहला तो संगठन को उन सभी लोगों का पूरा सहयोग मिलता है जो लोग निर्णय प्रक्रिया में शामिल होते हैं। दूसरा कई लोगों के द्वारा बनाया गया निर्णय बहुत ही जांच परख करने के बाद पास होता है।
उन्होंने लोगो को बताया की कैसे एक संस्थागत लोकतांत्रिक संगठन कभी नहीं मरता क्योंकि हमेशा निर्धारित कार्यकाल के बाद नेतृत्व परिवर्तन होने के कारण नए लोगों को नेतृत्व करने का अवसर मिलता है और कार्यकाल निर्धारित होने के कारण नेतृत्वकर्ता अपनी मनमर्जी या तानाशाही नहीं चला पाते। लेकिन जिस संगठन में मनमर्जी या तानाशाही होती है, उस संगठन में बुद्धिजीवी वर्ग का सहयोग नहीं मिलता हैं, दूसरे शब्दों में कहें तो ऐसे संगठन में जहां तानाशाही होती है वहां बुद्धिजीवी वर्ग नहीं होते और अंत में वह संगठन टूट जाता हैं।








