एसोचैम ने की सरकार से अपील : किसान मुद्दों का जल्द समाधान कीजिये।
अर्थव्यवस्था को रोज हो रहा है 3500 करोड़ का नुकसान।
विवादित तीन कृषि कानून और एक बिजली कानून के खिलाफ किसानों के संघर्ष को 15 दिसम्बर को 20 दिन हो रहे हैं। सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
इसी में एसोचैम इस संस्था ने एक प्रेस रिलीज जारी कर सरकार और किसान संगठनों से अनुरोध किया है की वे समस्या का समाधान करें।
एसोचैम अर्थात दी असोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया ने यह प्रेस रिलीज जारी किया है। 15 दिसम्बर को अपनी वेबसाइट पर यह प्रेस रिलीज जारी की है।
एसोचैम का कहना है की इस प्रदर्शन के कारण ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था में परेशानी और अन्य कारणों से रोजाना 3000 से 3500 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। जिससे देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा नुकसान हो रहा है।
आपको बता दें की किसानों की मांग है की विवादित तीन कृषि कानून कानून वापस लिए जाए, लेकिन सरकार किसानों की मांग मंजूर करने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए किसान आंदोलन ने कई जगह राष्ट्रीय महामार्ग, रेलवे और टोल नाके बंद कर दिए हैं। जिससे ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था काफी प्रभावित हो गयी है। इतना ही नहीं अब लोग भी किसानों के समर्थन में खड़े हो रहे हैं।
उद्योग व्यापार को हो रहे इस नुकसान की सूचना एसोचैम ने अपने प्रेस रिलीज द्वारा दी है। एसोचेम के अनुसार इसके साथ देश के 400 चैम्बर्स और ट्रेड असोसिअशन्स और उद्योग एवं व्यापार से जुड़े 4.5 लाख सदस्य हैं।









