डॉ. केएस चौहान किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मूलनिवासी डॉ. केएस चौहान हरियाणा के दूसरे सबसे वरिष्ठ नामित अधिवक्ता हैं। इन्होंने हमेशा अपने परिवार के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य किया है। यही वजह हैं की आज इनकी बेटी मूलनिवासी अदिति चौहान समेत परिवार के पांच सदस्य देश की न्याय व्यवस्था से जुड चुके हैं।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मूलनिवासी डॉ. के.एस चौहान की बेटी मूलनिवासी अदिति चौहान को दिल्ली बार काउंसिल ने अधिवक्ता के रूप में नामांकित किया हैं।
मूलनिवासी डॉ. केएस चौहान जो स्वयं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा के दूसरे सबसे वरिष्ठ नामित अधिवक्ता हैं।
बताते चलें की मूलनिवासी डॉ. के.एस चौहान ने कई पुस्तकें भी लिखी हैं। जिनमें से ‘संसद की शक्तियां, कार्य और विशेषाधिकार’ नामक पुस्तक का विमोचन तत्कालीन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की तरफ से किया गया था।
डॉ. के.एस चौहान की काबिलियत का अंदाजा इस बात पर लगा सकते हैं कि, देश के दिग्गज वरिष्ठ अधिवक्ता रामजेठमलानी और वरिष्ठ अधिवक्ता पी.पी राव जैसे अनेकों कानून के ज्ञाता डॉ. केएस चौहान की काबिलियत के कायल हुए हैं।
मूलनिवासी डॉ. केएस चौहान ने हमेशा अपने परिवार को मार्गदर्शन किया और पूरा परिवार इनके ही नक्शे कदम पर चला। जिसका परिणाम ये हुआ की डॉ. केएस चौहान की बेटी मूलनिवासी अदिति चौहान समेत परिवार के पांच सदस्यों ने कानून पथ पर कदम रख दिया हैं।
हरियाणा के चरखी दादरी जिले के अंतर्गत आने वाले एक छोटे से गांव कोहलावास से संबंधित इस परिवार ने अनेकों परेशानियां झेली।
जिस गांव, जिस परिवार तक कभी बिजली नहीं पहुंच पाई थी आज उस एक ही परिवार के पांच सदस्य दूसरों के लिए मिशाल बन गए हैं।
इस परिवार ने कभी भी समस्याओं को अपना कमजोरी नहीं बनने दिया। शिक्षा के महत्व को समझा और मूलनिवासी महापुरखों से प्रेरणा लेकर अपने सपनों को पूरा करने का जुनून लिए लगातार मेहनत करते रहें ।
इसी परिवार से आने वाले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मूलनिवासी डॉ.केएस चौहान के बड़े भाई मूलनिवासी डॉ. आर के चौहान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव व विभिन्न विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर के बाद वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में ही अधिवक्ता हैं।
डॉ. के.एस चौहान के बेटे मूलनिवासी अभिषेक चौहान भी पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए से एलएलएम करने के बाद अभी सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहें हैं। वही इनका भतीजा मूलनिवासी अजय चौहान भी अधिवक्ता हैं और अब इनकी बेटी मूलनिवासी अदिति चौहान भी दिल्ली बार काउंसिल द्वारा अधिवक्ता के रूप में नामित हुई हैं।
बताते चलें की मूलनिवासी डॉ. के.एस चौहान और उनका पूरा परिवार सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।
फूले-आंबेडकारी विचारधारा पर आधारित बामसेफ जैसी संगठनों से जुड़कर वे अपने सामाजिक कर्तव्यों को भली भांति निभा रहें हैं।








