कैथल में आज देर शाम को करनाल रोड स्थित विश्वकर्मा टायल एंड स्टोर मान्यवर श्याम मांडी विश्वकर्मा के प्रतिष्ठान पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं द्वितीय पिछड़ा वर्ग के आयोग के अध्यक्ष बाबू बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल के स्मृति दिवस पर मंडल आयोग की रिपोर्ट एवं बी पी मंडल के जीवन संघर्ष पर चर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर बी पी मंडल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मूलनिवासी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मान्यवर कमल कांत वर्मा जी ने की, संचालन बामसेफ के प्रदेश उपाध्यक्ष मान्यवर गुरुदेव जांगड़ा ने किया। इस अवसर पर सुभाष जांगड़ा ने उद्यमिता बोलते हुए कहा बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल एक भारतीय राजनेता थे जो भारतीय संसद के सदस्य बिहार के मुख्यमंत्री एवं मंडल आयोग के निर्माता अध्यक्ष रहे, बीपी मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को बनारस में हुआ था ,वह जाने-माने अधिवक्ता ,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं परिनिर्वित माननीय रासबिहारी मंडल एवं माननीया सीतावती मंडल की सातवीं संतान थे।
बामसेफ के राष्ट्रीय संगठन सचिव सुरेश द्रविड़ ने कहा कि वे काफी धनी परिवार से थे उनके पिता रास बिहारी लाल मंडल भी राजनीति में सक्रिय थे अब रास बिहारी लाल मंडल ने मंडल वह व्यक्ति थे जिन्होंने पिछड़ी जातियों के लिए जनेऊ पहनने की मुहिम चलाई थी , वैसे तो कहा जाता रहा है कि यह कम प्रतिक्रियावादी था लेकिन असल में यह एक पहल थी रुढियों को तोड़ने की, इस दौरान शूद्रों का जनेऊ पहनना वर्जित था। पिता के रोग और क्रांति के बीच की बी पी मंडल की परवरिश हुई। यही कारण है कि वे खुद भी स्कूल के जमाने से ही वंचितों के हक में बोलने लगे थे। शुरुआती पढ़ाई बिहार के मधेपुरा से करने के बाद छात्र बीपी मंडल दरभंगा आ गए । यहां से उनका सामाजिक राजनीति मेरी रुझान और साफ दिखने लगा था तब जातियों में भेदभाव का दौर था, जो स्कूल में भी दिखता था ,कि अगड़ी जातियां ऊपर या आगे बैठती और बाकियों को नीचे या पीछे की ओर बैठना पड़ता था, कई दूसरी समस्याएं भी थी, बी पी मंडल ने स्कूल में इन सब के खिलाफ आवाज उठाई और यहीं से बदलाव शुरू हुआ।
एडवोकेट राजेश कपड़ों ने कहा मंडल आयोग का गठन तत्कालीन जनता पार्टी की सरकार द्वारा किया जाएगा आयोग का कार्य क्षेत्र सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ों की पहचान करना था बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल के अध्यक्ष थे मंडल कमीशन रिपोर्ट ने विभिन्न धर्मों और पंथ्यों के 3739 जातियों का सामाजिक ,शैक्षिक और आर्थिक मानदंडों के आधार पर सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ा घोषित करते हुए प्रतिनिधित्व की बात कही थी। उन्होंने जमीन के लिए भी क्रांतिकारी भूमिगत सुधार की बात कही थी।
बामसेफ जिला कैथल के अध्यक्ष मान्यवर इंदर सिंह धानिया ने कहा कि पिछड़े वर्ग के साथियों को बी पी मंडल के त्याग और समर्पण से संदेश लेकर आगे बढ़ना चाहिए। मंडल आयोग की यह भी सिफारिश थी कि केंद्र और राज्य सरकारों के अधिन चलने वाली वैज्ञानिक ,तकनीकी तथा प्रोफेशनल शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 27% आरक्षण लागू किया जाए, लेकिन देश में सभी सरकारें मंडल आयोग की रिपोर्ट के साथ खिलवाड़ करती रही है।
मूलनिवासी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल कांत वर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार मंडल आयोग की रिपोर्ट को सही तरीके से लागू करें और सावधानी क्रीमी लेयर को तुरंत हटाए, मंडल आयोग ने अपनी रिपोर्ट के अध्याय 13 में कुल 40 पॉइंट में सिफारिशें की थी लेकिन केवल 2 सिफारिशें ही आज तक लागू हो पाई बाकी सिफारिशें आज भी धूल चाट रही है, आरएसएस के मोहन भागवत 2015 में आरक्षण की समीक्षा करने की बात कह चुके हैं लेकिन मंडल कमीशन की रिपोर्ट किस हद तक लागू हो पाई ? इस पर वह कभी बातचीत नहीं करते।
इस अवसर पर सुरेंद्र जांगड़ा ने कहा कि आज के दिन अर्थात 13 अप्रैल 1982 को
पटना में हमारे महापुरुष का निधन हो गया था,वे बिहार के सातवें मुख्यमंत्री थे और ब्राह्मणवादियों की साजिश के कारण उन्हें 30 दिनों के बाद ही इस्तीफा देना पड़ा था । बीपी मंडल के साथ की गई साजिश का आज हमें बदला लेने की जरूरत है।
इस अवसर पर सतनारायण जांगड़ा ने कहा कि बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल निष्पक्ष नेडा और ईमानदार व्यक्ति थे उनकी ईमानदारी मंडल आयोग की रिपोर्ट में झलकती है। उन्होंने 1931 की जनगणना के मुताबिक 52% हिस्सेदारी की बात की तथा देश में जाति आधारित जनगणना करवाने की भी मांग की। भारत के प्रधानमंत्री माननीय इंदिरा गांधी ने दी इस रिपोर्ट के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
आज हम सबको बीपी मंडल जी की पुण्यतिथि पर यह संकल्प लेना चाहिए कि उनके अधूरे सपने को हम साकार करेंगे, इसी के साथ आज की चर्चा गोष्टी और श्रद्धांजलि सभा संपन्न हुई।
मूलनिवासी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मान्यवर श्याम मांडी विश्वकर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित सभी साथियों का धन्यवाद किया।








