बामसेफ  के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अद्भुत संगठनकर्ता माननीय अशोक परमार जी नहीं रहे। 

 एक समर्पित दृढ़संकल्पी, साहसी प्रबंधक और शालीन स्वभावी मूलनिवासी बहुजन आन्दोलन  साथ ही  समाज के कर्मठ मिशनरी सच्चे सिपाही और बामसेफ जैसे विशाल संगठन की विभिन्न भूमिकाओं में राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर एक आम कैडर के तौर पर सदैव संघर्षरत आदरणीय मु ० अशोक परमार साहब जी नहीं रहे। बामसेफ के  शुभचिंतक,कर्मठ एवं जिम्मेदार कार्यकर्त्ता  मान्यवर अशोक परमार इनका  दिनांक 19.अप्रैल की  सुबह , गुजरात के  सूरत में परिनिर्वाण हो गया है।   वे कोरोना सक्रमण के कारण हास्पिटल में उपचाराधीन थे !

 माननीय अशोक परमार एक अद्भुत संगठनकर्ता थे, जो बामसेफ संगठन में उसके स्थापना काल 1977 से जुड़े हुए थे और विभिन्न पदों पर रहते हुए अपना सम्पूर्ण जीवन बामसेफ के लिए समर्पित किया था। वे  बहुत कम भाषण देते थे लेकिन संगठन का मैनेजमेंट और विशेषकर क्राइसिस मैनेजमेंट बहुत ही सूझबूझ के साथ किया करते थे। संगठन और समाज में उनकी कमी कभी पूर्ण नहीं हो सकती। 

 माननीय अशोक परमार  बामसेफ  के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तो थे ही इसके अलावे   बहुत ही सीनियर, जुआरू एवं कर्मठ कर्यकर्ता एवं डी के खापर्डे मेमोरियल ट्रस्ट व राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले क्रांति (अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण) संस्थान, रिगनाबोडी, अमरावती रोड, नागपुर के संस्थापक सदस्य,   फुले आंबेडकरी आंदोलन के एक समर्पित योद्धा , संघटन के दिशादर्शक विकट स्थिति मे संघटन के हित मे निर्णय लेनेवाले मुखिया जिन्होंने अपना योगदान आखरी सांस तक दिया। 

संगठन के एक दिशादर्शक और संगठन को हर स्थिती में बरकरार रखने की अपार क्षमता को धारण करने वाले नेतृत्व यशकायी अशोक परमार जी थे ! बामसेफ परिवार का एक मुखिया तथा पालक होने के तौर पर उन्होने अपना योगदान आँखरी सांस तक दिया है, जिसे भूलाना नामुमकिन है। उनके इस तरह असमाइक निधन से बामसेफ संगठन की अपूरणीय क्षति हुई है। 

 बामसेफ संगठन, मूलनिवासी संघ, एम्केकेएम्,  मूलनिवासी विद्यार्थी संघ और एमएनटी न्यूज़ नेटवर्क, माननीय अशोक परमार की सेवाओं के लिए उन्हें सैल्यूट करता है और दुख की इस घड़ी में पूरा संगठन उनके परिवार के साथ हार्दिक संवेदना व्यक्त करता है। फूले-अम्बेडकरी आंदोलन के एक समर्पित योद्धा मूलनिवासी अशोक परमार इन्हे सभी ऑफशूट संगठन और  MNT  न्यूज़ नेटवर्क परिवार की और से  भावभीनी आदरांजलि। 

जय भीम जय मूलनिवासी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here