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बेलड़ा गांव प्रकरण को लेकर रुड़की में धरना प्रदर्शन अब भी जारी हैं। इस धरना प्रदर्शन को कई मूलनिवासी संगठनों का भी साथ और सहयोग मिल रहा हैं। प्रदर्शन पर बैठे लोगो ने सरकार से बारह सूत्रीय मांगो को तत्काल प्रभाव में लाने की मांग की हैं।
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बेलड़ा गांव प्रकरण को लेकर संत गुरु रविदास घाट पर जारी मूलनिवासियों का धरना प्रदर्शन अब भी जारी हैं।
धरने पर बैठे मूलनिवासियों ने प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा की, जिन बारह मांगो को लेकर प्रशासन ने वादा किया था, उसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
बताते चले की, बेलडा कांड में मारे गए मूलनिवासी पंकज की पत्नी और उपचार के दौरान मौत का शिकार हुए मूलनिवासी प्रमोद की पत्नी और उनके परिवार के साथ समस्त ग्रामीण धरने पर उपस्थित हैं।
बताते चले की इस मामले में बामसेफ, मूलनिवासी संघ और मूलनिवासी विद्यार्थी संघ जैसे राष्ट्रीय स्तरीय सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। जबकि राजनीतिक पार्टियों में पीपीआई (डी) यानी पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) ने भी समर्थन किया हैं।
बीते इक्कीस सितंबर, दो हजार तेईस को धरने में उपस्थित संविधान प्रबोधक मूलन्निवासी ई. ललित कुमार ने कहा कि, “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” वाली सरकार और उसकी गुलाम प्रशासन बेटियों को मारने वाली बन बैठी है। इसलिए अब मूलनिवासियों को एक होकर सबक सिखाना होगा! उन्होंने कहा की, जब तक न्याय नहीं मिल जायेगा, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस मौके पर एम वी एस यानी मूलनिवासी विद्यार्थी संघ के राज्य प्रभारी मूलनिवासी ई. अनुज गौतम ने भी युवा और विद्यार्थियों की ओर से समर्थन करते हुए, प्रशासन और सरकार को चेताया। उन्होंने कहा की, हम न्याय लेकर रहेंगे और बेईमानों को सबक सीखाकर ही दम लेंगे!






